जम्मू। जम्मू समेत प्रदेश के अन्य मैदानी इलाकों में आगामी तपिश का अहसास बढ़ेगा। अप्रैल में पारे के सामान्य से ऊपर रहने के आसार हैं। इसका बड़ा कारण कुछ अवधि को छोड़कर पिछले करीब चार माह से शुष्क मौसम के कारण सामान्य से कम बारिश और बर्फबारी होना है। इसका असर आगामी गर्मी में दिखेगा, जिससे लंबे समय तक हीटवेव का प्रभाव रह सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डाॅ. मुख्तियार अहमद का कहना है कि पिछले कुछ सालों से मौसम के ट्रेंड में बदलाव देखा जा रहा है। इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर रहा है। इसके लिए जलवायु परिवर्तन और दूसरे कारण जिम्मेदार हैं। हालांकि कुछ दशकों के पहले के मौसम में भी गर्मियों के सीजन में भीषण गर्मी रही है, लेकिन मौसम के नए ट्रेंड से लग रहा है कि आगामी गर्मी बढ़ेगी। फिलहाल में मौजूदा इसका अधिक प्रभाव नहीं है। राजधानी जम्मू में पिछले दस सालों में अप्रैल में अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक भी पहुंचा है। जम्मू में सोमवार को दिनभर साफ मौसम के बीच अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा चढ़कर 31.4 और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू में 26 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लेकिन इससे पहले 21 अप्रैल 2017 को 41.7, 28 अप्रैल 2022 को 41.0 और आलटाइम 29 अप्रैल 1941 को अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसी तरह पिछले दस सालों में अप्रैल में राजधानी श्रीनगर का अधिकतम तापमान 18 अप्रैल 2017 को 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को श्रीनगर में दिन का पारा सामान्य से 4.5 डिग्री चढ़कर 22.9 और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में अधिकतम तापमान 19.2 और गुलमर्ग में 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनिहाल में अधिकतम तापमान 23.0, बटोत में 23.5, कटड़ा में 29.2 और भद्रवाह में 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार आगामी दिनों में मौसम लगभग साफ रहेगा, जिससे पारे में उछाल आएगा। इसका मैदानों के साथ पहाड़ों पर प्रभाव दिखेगा। हालांकि मौजूदा रात में ठंडक बनी हुई है।