श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने वीरवार को पाकिस्तान को एक असफल देश करार दिया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संबंध तब तक नहीं सुधरेंगे, जबतक पड़ोसी देश में जनता की सरकार नहीं चुनी जाती।
नवाए सुबह स्थित नेकां मुख्यालय में पार्टी के एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि पाकिस्तान के लोग भारत के साथ दोस्ती चाहते हैं। अगर दो परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध होता है, तो इसके खतरनाक परिणाम होंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध अंतिम विकल्प है। डॉ. फारूक ने कहा कि तनाव है। लेकिन, मैं यह नहीं कह सकता कि यह अंतिम विकल्प है या नहीं। दोनों देशों के शासकों को यह तय करना है।
नेकां अध्यक्ष ने कहा कि युद्ध हुआ तो परिणाम खतरनाक होंगे। दोनों के पास परमाणु शक्ति है। अगर वे इसका इस्तेमाल करते हैं, तो अल्लाह ही जानता है कि क्या होगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर कठिन समय से गुजर रहा है। यह भविष्यवाणी नहीं की जा सकती कि भविष्य में क्या होगा। दोनों देश एक-दूसरे का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं। दुनिया भर में प्रयास किए जा रहे हैं कि यह युद्ध न हो। हमले के पीछे के लोगों और उनके मास्टरमाइंड को पकड़ने का कोई रास्ता निकाला जाए। दुनिया इसे रोकने में कितनी सफल होगी, केवल अल्लाह ही जानता है।
पाकिस्तानी नागरिकों को भेजना मानवीय आधार पर सही नहीं
पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजे जाने पर पूर्व सीएम ने कहा कि यह कार्रवाई मानवता के खिलाफ है। मानवीय आधार पर यह कार्रवाई अच्छी नहीं है। वे 70 साल या 25 साल या पांच साल से यहां रह रहे थे। वे यहां थे। उनके बच्चे यहां थे। यहां पढ़ रहे थे। उन्होंने भारत को नुकसान नहीं पहुंचाया है। उन्होंने भारत को स्वीकार कर लिया है।
जाति जनगणना में कुछ भी गलत नहीं
जाति जनगणना पर कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लोग पहले दिन से इसकी मांग कर रहे थे। यह नई बात नहीं है। कोई कहता है कि 11 या 12 करोड़ मुसलमान हैं। कोई 14 और कोई 22 करोड़। पहली बार हमें पता चलेगा कि कितने लोग ब्राह्मण हैं। कितने निचली जाति के हैं और कितने मुसलमान, सिख या ईसाई या अन्य हैं।
क्या महात्मा गांधी की हत्या करने वाले गोडसे यहां से नहीं थे?
प्रदेश के बाहर जम्मू-कश्मीर के निवासियों को परेशान करने की खबरों पर डॉ. फारूक ने कहा कि कुछ लोगों को लोगों को परेशान करने की आदत है। लेकिन हमें उनसे डरना नहीं चाहिए। देश में ऐसे लोग हैं, जो ऐसी बातें कहते हैं या ऐसा कुछ करते हैं। उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि देश में क्या होगा। उन्होंने कहा, क्या महात्मा गांधी की हत्या करने वाले गोडसे यहां से नहीं थे? ऐसे लोग हैं, ऐसे लोग होंगे और हमें उनसे डरना नहीं चाहिए। इससे पूर्व उन्होंने कहा कि हम वक्फ बिल का विरोध करते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। यह अभी भी एक मुद्दा है और हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है।