जम्मू। हाईकोर्ट में स्टाफ की कमी पर वित्त सचिव को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया गया है। यदि वह तीन हफ्तों के भीतर ऐसा नहीं करते तो निजी तौर पर हाईकोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा। मामले से जुड़ी याचिका पर सोमवार न्यायाधीश ताछी रबस्टन और सिंधु शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की। हाईकोर्ट के पीठ सचिव जोगिंदर सिंह ने इसे लेकर याचिका दायर की थी। इसमें स्टाफ की कमी और वेतन विसंगतियों का मामला उठाया था।
खंडपीठ ने आदेश दिया कि सिर्फ हलफनामा ही पेश नहीं करना होगा। इसमें बताना होगा कि कानून विभाग के वित्त विभाग को प्रस्ताव जाने के बाद भी देर होने का कारण क्या है, जबकि विभाग ने 334 पदों के लिए पहले चरण का प्रस्ताव भेजा हुआ है। यह भी जानकारी मांगी गई कि वित्त सचिव इसका भी जवाब देंगे कि न्यायाधीशों के निजी स्टाफ के 24 पदों के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। खंडपीठ ने साफ कहा है कि यदि अगली तारीख तक इन सबका जवाब हलफनामे में न दिया गया तो कानून विभाग सचिव और वित्त सचिव निजी तौर पर आकर जवाब देंगे। खंडपीठ ने कहा कि समय समय पर इसे लेकर जरूरी आदेश दिए जाते रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम इस दिशा में उठाया गया नजर नहीं आया है।