फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चे विषय अच्छी तरह समझ सकें, शिक्षक ने अपने खर्च पर खरीदा प्रोजेक्टर

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जहां सरकार प्रयासरत है, वहीं कुछ शिक्षक भी ऐसे हैं, जो छात्रों की पढ़ाई के लिए अलग कर रहे हैं। वह अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। इन्हीं में से एक हैं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता सुनील कुमार।
विज्ञापन

सुनील कुमार उधमपुर जिले के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल झाकरा, टिकरी में तैनात हैं। 50 बच्चों वाले स्कूल में वह पहली से लेकर आठवीं तक की कक्षाओं को पढ़ाते हैं। वह छात्रों के लिए हर वक्त कुछ नया करने की सोचते हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई में सुधार हो। इसी क्रम में उन्होंने स्कूल के लिए एक प्रोजेक्टर खरीदा है। इस पर 40 हजार रुपये खर्च हुए हैं, जो उन्होंने अपने वेतन से भरे हैं। अब वह बच्चों को प्रोजेक्टर के जरिये भी पढ़ाई करवा रहे हैं।
शिक्षक सुनील कुमार ने कहा कि कोविड में दो साल स्कूल बंद रहे, इससे भी बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के लिए अलग करने की सोची। इसके लिए उनके मन में प्रोजेक्टर का आइडिया आया। इसके बाद उन्होंने प्रोजेक्टर खरीदा। प्रोजेक्टर से पढ़ाई बच्चों के लिए अलग अहसास होगा और वह इसमें ज्यादा रुचि लेंगे। किसी भी विषय को कहानी या वीडियो के माध्यम जब बच्चे देखते हैं तो अच्छी तरह समझ लेते हैं। अब इसके परिणाम भी दिखने लगे हैं। बच्चों की पढ़ाई में पहले से ज्यादा सुधार आया है।
विज्ञापन

विज्ञान पुस्तक का हिंदी में कर रहे अनुवाद
शिक्षक सुनील कुमार सातवीं कक्षा की विज्ञान की पुस्तक का हिंदी में अनुवाद कर रहे हैं। इंटरनेट की मदद से वह विषय वार अनुवाद कर रहे हैं। इससे बच्चों को विषय समझने में आसानी होगी। सुनील कुमार ने कहा कि किसी भी विषय की जानकारी अगर बच्चों के सामने हिंदी और अंग्रेजी में होगी तो वह जल्दी समझेंगे।
दोनों बच्चे भी सरकारी स्कूल में डाले
सरकारी स्कूलों के ज्यादातर शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं, लेकिन शिक्षक सुनील कुमार ने इस धारणा को भी बदलने की कोशिश की है। उन्होंने अपने दोनों बच्चों को गवर्नमेंट मिडिल स्कूल झाकरा, टिकरी में ही दाखिल करवाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें