जम्मू। आतंकी मामले में गिरफ्तार पीरजादा रफीक मकदूमी की जमानत अर्जी को खारिज करने वाले आदेश को बरकरार रखा गया है। आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। वीरवार को न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और मोहम्मद अकरम वाली खंडपीठ ने मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। एनआईए अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया था। खंडपीठ ने महसूस किया कि निचली अदालत ने एक सही आधार पर आरोपी को जमानत नहीं दी है। लिहाजा इस आदेश को बरकरार रखा जाता है।
एक का पीएसए बरकरार, पांच से हटाया
जम्मू। उच्च न्यायालय ने वीरवार को पांच लोगों पर लगे पीएसए को हटाने का आदेश दिया और एक पर लगा पीएसए बरकरार रखा। अनंतनाग, पुलवामा, बडगाम, जम्मू जिलों के उपायुक्तों की ओर से सुहेल अजीम निवासी अनंतनाग, बासित अहमद निवासी बडगाम, जहांगीर अहमद निवासी पुलवामा, कमलजीत निवासी जम्मू और अली हुसैन निवासी जम्मू ने लगाए गए पीएसए को हटाने की याचिका दायर की थी। इन सबके पीएसए हटाने को मंजूरी दी गई और जेल प्रशासन को रिहा करने के लिए कहा गया। वहीं मोहम्मद शबान भट्ट पर लगा पीएसए बरकरार रहेगा। वह कई तरह के नशा तस्करी मामलों में संलिप्त है और कश्मीर के मंडलायुक्त ने इस पर पीएसए लगाने की सिफारिश की थी। न्यायाधीश रजनीश ओसवाल, विनोद चटर्जी कौल ने इन लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई की।