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अमरनाथ यात्रा के दोनों रूटों की 20 जगहों पर 36 रेस्क्यू टीमें तैनात

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जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा के दोनों रूट पर यात्रियों को किसी तरह की आपदा से बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों को पर्वतारोहण बचाव दल का नाम दिया गया है। इन दलों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जम्मू कश्मीर आर्म्ड पुलिस शामिल हैं। सबसे अधिक एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात होंगी। पहली बार इन टीमों को सेना और पुलिस के प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित किया गया है, ताकि यात्रा में किसी भी तरह की आपदा से निपटने में यह टीमें सबसे पहले मदद करें। जानकारी के अनुसार पहलगाम और बालटाल रूट पर 20 जगहों पर 36 टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा लखनपुर से लेकर श्रीनगर तक एसडीआरएफ सिविल डिफेंस की 22 टीमें भी तैनात रहेंगी। इनमें प्राथमिक उपचार के अलावा यात्रियों के साथ किसी तरह की दुर्घटना होने पर मदद की जाएगी। यह टीमें, लखनपुर, कठुआ, सांबा, विजयपुर, बाड़ी ब्राह्मणा, भगवती नगर आधार शिविर, उधमपुर, रामबन, बालटाल, पहलगाम आदि कैंपों में रहेंगी। बता दें कि पर्वतारोहण बचाव दल के प्रत्येक दल में 15 प्रशिक्षित जवान हैं, जिनको सेना और पुलिस के प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित किया गया है।
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इन जगहों पर तैनात की गई टीमें
पहलगाम: एनडीआरएफ एक टीम
चंदनबाड़ी: एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की 2 टीमें
पिस्सू टाप: एसडीआरएफ की एक टीम
जोजीबल: एसडीआरएफ एक टीम
शेषनाग: एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जेकेएपी की 3 टीमें
वाबवल: जेकेएपी की एक टीम
महागणेश टॉप मध्य: जेकेएपी की एक टीम
महागणेश टॉप: एसडीआरएफ की एक टीम
पोशपथरी: एनडीआरएफ, जेकेएपी की दो टीमें
केलनर: जेकेएपी की एक टीम
दारद कोट: जेकेएपी की एक टीम
पंजतरणी: एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की दो टीमें
बालटाल: एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जेकेएपी की 3 टीमें
दोमेल: सीआरपीएफ, जेकेएपी की 2 टीमें
रेलपथरी: एसडीआरएफ, जेकेएपी की 2 टीमें
बरारी मार्ग: एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जेकेएपी की तीन टीमें
बरारी मार्ग से लोवर संगम: जेकेएपी की एक टीम
संगम टॉप: एसडीआरएफ, जेकेएपी की 2 टीमें
पवित्र गुफा से कुछ दूरी पर: जेकेएपी की एक टीम
पवित्र गुफा: एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की 2 टीमें
आधुनिक उपकरण भी दिए
जानकारी के अनुसार पर्वतारोहण दल को अधिक लंबाई वाले मजबूत रस्से, हाथों में पहनने वाले दस्ताने, जूते, ऑक्सीजन सिलिंडर जैसे उपकरण दिए गए हैं, ताकि आपदा के वक्त यह तत्काल कार्रवाई करें और अधिक से अधिक गहराई तक जाकर भी बचाव कार्य कर सकें।
कोट
पुलिस को सहयोग के लिए सिविल डिफेंस एसडीआरएफ होमगार्ड के 8 डीएसपी रैंक के अफसर और 50 जवान दिए गए हैं। इसके अलावा लखनपुर से लेकर श्रीनगर तक 22 कैंप बनाए गए हैं, यहां हमारे लोग रुकने वाले यात्रियों की मदद करेंगे। दोनों रूट पर पर्वतारोहण बचाव दल की 20 टीमें तैनात की गई हैं। जो किसी भी तरह की आपदा से बचाव के लिए काम करेंगी।
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-एच के लोहिया, कमांडेंट जनरल, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, होमगार्ड
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