जम्मू। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर और कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला व अन्य नेताओं को प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर रविवार को श्रीनगर के शेखपोरा में दिवंगत राहुल भट्ट के परिजनों से मुलाकात करने से रोक दिया। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने वेसु और पट्टन में प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को समर्थन दिया।
कुलगाम जिले के वेसु और पट्टन में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी कश्मीर विस्थापितों की समस्याओं पर गंभीर हैं। उन्होंने कहा, यूपीए की सरकार के समय कश्मीरी पंडित विस्थापितों की मदद की हर संभव कोशिश हुई।
उन्होंने विस्थापित कर्मियों की लक्षित हत्याओं पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की अगुवाई में एनडीए सरकार आतंकवाद पर नियंत्रण करने और नागरिकों की सुरक्षा में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 की समाप्ति के समय भाजपा ने कई वादे किए थे, लेकिन वह वादे धरातल पर खरे नहीं उतर पाए।
इस अवसर पर रमण भल्ला ने कहा कि भाजपा केंद्र की सत्ता में पिछले आठ साल से है, लेकिन न तो वह कश्मीरी पंडित विस्थापितों के दर्द पर मरहम लगा पाई है और न ही आतंकवाद की समस्या से पुख्ता ढंग से निपट रही है। इस अवसर पर रमण मट्टू, गुलजार अहमद वानी, विजय शर्मा, जतिन वशिष्ठ और फारूक भट आदि भी मौजूद रहे।