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तीन साल में बिजली उत्पादन क्षमता दोगुना होगी : उपराज्यपाल

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जम्मू। प्रदेश सरकार बिजली संकट को स्थायी तौर पर दूर करने के लिए अगले तीन साल में बिजली उत्पादन क्षमता को दोगुना करने मे जुटी हुई है। कश्मीर के अनंतनाग में 357 करोड़ की राशि से तैयार हुए बिजली के 42 ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन परियोजनाओं का लोकार्पण करने के बाद उपराज्यपाल ने यह बात कही।
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उन्होंने कहा, सात दशक से जम्मू कश्मीर में पन बिजली उत्पादन 3500 मेगावाट तक ही पहुंच पाया है, जबकि सरकार के प्रयासों से तीन साल में दोगुना व सात साल में बिजली उत्पादन क्षमता को तीन गुणा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर में बिजली के सब ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र ने 6000 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी की है। वहीं 2000 करोड़ की राशि की परियोजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है।
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उन्होंने कहा, बिजली ढांचा मजबूत होने से शहरी व ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति में सुधार आएगा। उन्होंने कहा अगस्त 2019 से 3806 एमवीए क्षमता को बढ़ाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वह जम्मू कश्मीर में विद्युत क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पूरा समर्थन दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, 12922 करोड़ की राशि की बिजली परियोजनाओ पर काम शुरू होने वाला है और इससे प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा उद्योगों व कृषि क्षेत्र में पर्याप्त बिजली की आपूर्ति हो पाएगी। 850 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता की रटले पन बिजली परियोजना के लिए हाल ही में रटले पन बिजली विद्युत निगम लिमिटेड और मेघा इंजीनियरिंग और ढांचागत लिमिटेड के मध्य समझौता हस्ताक्षर हुए हैं। इस परियोजना के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी हासिल होंगे। रटले, पकलडुल, कीरू और अन्य परियोजनाओं के निर्माण के बाद जम्मू कश्मीर बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।
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