फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हब्बाकदल बरकरार, अमीराकदल, सोनावर व बटमालू के नाम हटे

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। परिसीमन आयोग ने जनता की नाराजगी को देखते हुए श्रीनगर जिले के हब्बाकदल निर्वाचन क्षेत्र को बरकरार रखा है लेकिन उसने अमीरा कदल, सोनावर और बटमालू निर्वाचन क्षेत्रों के नाम हटा दिए हैं। अमीरा कदल का नाम कश्मीर के 18 वीं सदी के अफ गान गवर्नर अमीर खान के नाम पर रखा गया था जबकि ंबटमालू का नाम एक सूफी संत के नाम पर था जिनकी दरगाह राज्य सचिवालय के पास ही स्थित है। अमीरा कदल और सोनावर को मिलाकर एक नया निर्वाचन क्षेत्र लाल चौक बनाया गया है वहीं पुराने अमीरा कदल निर्वाचन क्षेत्र की छानपोरा तहसील से काट कर एक नया निर्वाचन क्षेत्र बनाया गया है। बारामुला जिले में टंगमर्ग का नाम बदलकर गुलमर्ग कर दिया गया है।
विज्ञापन

जम्मू संभाग के छह जिलों में छह सीटें बढ़ीं
जम्मू। परिसीमन आयोग ने एकसमान जनसंख्या अनुपात बनाए रखने के लिए जम्मू क्षेत्र की अधिकांश विधानसभा सीटों की सीमाओं को फि र से निर्धारित किया है और निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 37 से बढ़ाकर 43 कर दी है। न्यायमूर्ति (रि) रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित आयोग के तीनों सदस्यों ने वीरवार को अंतिम रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए। नई सीटें छह जिलों डोडा, किश्तवाड़, सांबा, राजोरी, कठुआ और उधमपुर से बनाई गई हैं। इसके साथ ही डोडा, किश्तवाड़ और सांबा में अब तीन-तीन, उधमपुर में चार, राजोरी में पांच और कठुआ की छह सीटें हो जाएंगी। किश्तवाड़ जिले में पाडर-नागसेनी, डोडा में डोडा पश्चिम, कठुआ में जसरोटा, उधमपुर में रामनगर और सांबा में रामगढ़ नई सीट है। आयोग ने जनता के आक्रोश को देखते हुए जम्मू जिले के सुचेतगढ़ निर्वाचन क्षेत्र को बरकरार रखा है।
--------------
--------------
घाटी में राजनीतिक रूप से लोगों को कमजोर करने का प्रयास है रिपोर्ट
दलों ने रिपोर्ट को किया खारिज, नेकां-पीडीपी ने कहा-मतदाता भाजपा को देंगे जवाब
जम्मू। कश्मीर के राजनीतिक दलों ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के सीमांकन पर परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह घाटी में राजनीतिक रूप से लोगों को कमजोर करने का प्रयास है।
विज्ञापन

नेशनल कॉन्फ्रें स ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में हर विधानसभा क्षेत्र पर परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के असर का अध्ययन कर रही है। जब भी केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव होंगे, मतदाता भारतीय जनता पार्टी और उसके छद्म चेहरों को सजा देंगे। पार्टी ने ट्वीट किया कि हमने परिसीमन आयोग की अंतिम सिफ ारिशें देखी हैं। हम प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए इन सिफ ारिशों के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि राजनीति से प्रेरित कितना भी परिसीमन क्यों न कर दिया जाए लेकिन इससे जमीनी सचाई नहीं बदलने वाली, जो यह है कि जब भी चुनाव होंगे तब मतदाता भाजपा और इसके छद्म दलों को नहीं बख्शेंगे। उन्होंने बीते चार साल में जम्मू-कश्मीर में जो किया है उसके लिए मतदाता उन्हें दंडित करेंगे। पीडीपी ने कहा कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट ने परिसीमन की कवायद शुरू किए जाते समय जताए गए पार्टी के डर को सच साबित कर दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि पीडीपी ने पहले दिन से ही इस कवायद को 5 अगस्त 2019 को एक समुदाय और एक क्षेत्र की जनता को कमजोर करने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया के विस्तार की तरह देखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें