जम्मू। कश्मीर में पंचायती नुमांइदों, आम नागरिकों और सुरक्षा बलों से जुड़े जवानों को आतंकियों की ओर से निशाना बनाए जाने की घटनाओं में बढोतरी को केंद्र सरकार चिंतित है। जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकी हमले और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर गृह मंत्रालय शीघ्र ही उच्च स्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा करेगा। यह बैठक सोमवार या मंगलवार को हो सकती है। इसमें प्रदेश के गृह विभाग से जुड़े अधिकारी, डीजीपी व गृह मंत्रालय के अधिकारी, सेना, सीआरपीएफ, खुफिया एजेंसियों के अधिकारी हिस्सा लेंगे। उधमपुर में आईईडी विस्फोट और कश्मीर में भीड़भाड़ वाले इलाकों में होने वाले धमाकों पर भी चिंता व्यक्त की गई है।
बता दें कि हाल ही में खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों की एक बातचीत इंटरसेप्ट की थी। इसमें आतंकी संगठनों को बड़ा हमला करने के लिए कहा गया है। इसके बाद से ही हमले बढ़े हैं। इसे देखते हुए गृह मंत्रालय नए सिरे से सुरक्षा को लेकर मंथन करेगा। इसमें सुरक्षा को लेकर कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से आतंकी गतिविधियों में काफी बढ़ोतरी हुई है। दो महीनों में सीमा पार से भेजे गए हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया। बैठक में उधमपुर में आईईडी विस्फोट, कश्मीर में तीन पंचों की हत्या, श्रीनगर में रिहायशी इलाके में धमाके की घटनाओं पर मंथन किया जाएगा और सुरक्षा पर विचार विमर्श होगा। बता दें कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से आतंकी संगठनों पर बड़ा हमला करने का दबाव बनाया जा रहा है। क्योंकि पिछले तीन साल में आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाए हैं। यही कारण है कि आतंकी संगठन बौखलाकर आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।