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गंभीर मरीजों के मर्ज पर मरहम लगाएंगे पैलेटिव केंद्र

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जम्मू। प्रदेश सरकार जम्मू संभाग के दस जिलों में दस-दस बिस्तर वाले पैलेटिव (दर्द निवारक) और जिरियाट्रिक (वृद्धावस्था की बीमारियां) केंद्र खोलने जा रही है। इनमें गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को पैलेटिव और जिरियाट्रिक चिकित्सा पद्धति से राहत दी जाएगी। इन केंद्रों में जल्द ओपीडी शुरू होगी। गांधीनगर अस्पताल जम्मू में डॉक्टरों और नर्सों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज ने प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में हर जिले से दो डॉक्टरों और दो नर्सों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। लेह और कारगिल के डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं। पैलेटिव केयर एम्स नई दिल्ली की एचओडी डॉ. सुषमा भटनागर की देखरेख में इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैलेटिव केयर (आईएपीसी) के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गांधीनगर अस्पताल में देशभर से सात संकाय सदस्य भी प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल हुए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि जिला स्तर पर पैलेटिव चिकित्सा सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों को राहत मिलेगी। अब तक ऐसी चिकित्सा के लिए उन्हें गांधीनगर अस्पताल आना पड़ रहा था। एम्स दिल्ली से डॉ. भटनागर ने कहा कि पैलेटिव केयर का उद्देश्य जिंदगी के आखिरी समय में मरीजों को हर उचित चिकित्सा सुविधाएं देकर अधिक से अधिक राहत देना होता है।
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कोट
गांधीनगर अस्पताल में पहले से ही 10 बिस्तर वाला अलग से पैलेटिव वार्ड चल रहा है। अब जिला स्तर पर पैलेटिव केयर सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। कोशिश है कि ऐसे मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं। यह विशेष तरह की चिकित्सा दी जाती है।
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- डॉ. रोहित लाहोरी, आयोजक सचिव, पेन एंड पैलेटिव केयर विशेषज्ञ, गांधीनगर अस्पताल
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यह है जिरियाट्रिक और
पैलेटिव चिकित्सा पद्धति
ऐसे मरीज जो कैंसर, रिनियल फेलियर, स्ट्रोक, दिमाग, एड्स आदि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होते हैं और उनका उपचार नामुमकिन हो जाता है। लेकिन पैलेटिव और जिरियाट्रिक चिकित्सा पद्धति से ऐसे मरीजों को राहत देने का काम किया जाता है, ताकि उनके शारीरिक और मानसिक दर्द को कम किया जा सके।
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