जम्मू। उच्च न्यायालय ने एसएसपी रमेश कुमार भट्ट पर दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। आईपीसी की धारा 419, 342, 506 और 170 के तहत बाहु फोर्ट पुलिस स्टेशन में रमेश भट्ट के खिलाफ केस दर्ज था। यह मामला धोखाधड़ी का है। बुधवार को न्यायाधीश संजय धर ने इस मामले पर सुनवाई की।
कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि यह स्पष्ट है कि यह न केवल शिकायत में लगाए गए आरोप हैं बल्कि यह वह सामग्री भी है जिसे जांच एजेंसी ने इकट्ठा किया है। वे आरोप जिनका विश्लेषण न्यायालय द्वारा यह तय करते समय किया जाना आवश्यक है कि क्या किसी विशेष मामले में कार्यवाही रद्द करने योग्य है।
यह सच है कि धारा 482 सीआरपीसी के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय प्राथमिकी या शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच शुरू नहीं करेगा, लेकिन तब जब पूरी जांच हो चुकी है और सामग्री एकत्र की गई है। उक्त प्राथमिकी में लगाए गए आरोप जांच के दौरान एकत्रित सामग्री से प्रमाणित नहीं होते हैं। लिहाजा इसे लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द किया जा रहा है।
दुष्कर्म आरोपी को मिली 10 साल की सजा रद्द
जम्मू। उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपी को मिली 10 साल की सजा को रद्द कर दिया। न्यायाधीश संजय धर ने बुधवार को इस मामले पर सुनवाई की। कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई गई। जज ने इस टिप्पणी के साथ आदेश को रद्द कर दिया कि निचली अदालत ने आक्षेपित निर्णय को पारित करते समय अपने उचित परिप्रेक्ष्य में रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों की परख नहीं की है। पारित आदेश कानून के लिहाज पर खरा नहीं उतरता। बता दें कि कुलगाम के रहने वाले शब्बीर ने उसके खिलाफ 31 अगस्त को पारित आदेश को चुनौती दी थी। इस पर बुधवार को सुनवाई की गई।