जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज इलाकों को वित्तीय क्षेत्र से जोड़ने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। दूरदराज के गांवों में बैंक खोले जाएंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। विकास को वित्त पोषित करने के लिए अर्थव्यवस्था के औद्योगिक और विभिन्न उत्पादक क्षेत्रों को ऋण की पर्याप्त और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जा रही है। वित्तीय उत्पादों तक लोगों की पहुंच को बढ़ाया जा रहा है। एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा दे रहे हैं। महिलाओं, युवाओं, एसएमई, हस्तशिल्प, बागवानी और विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को प्रदेश की विकास प्रक्रियाओं में प्रभावी योगदान के लिए ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। उपराज्यपाल ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर में बैंकों द्वारा वित्तीय समावेशन की दिशा में प्रगति की समीक्षा की।
उपराज्यपाल ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम करने से सरकारी योजनाओं और भौगोलिक रूप से कठिन इलाकों में बसे लोगों के बीच दूरी को खत्म कर दिया जाएगा। लोगों के दरवाजे तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को पहुंचाया जा रहा है। जम्मू कश्मीर को औद्योगिक निवेश, पर्यटन, फिल्म उद्योग और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए पसंदीदा स्थल बनाया गया है। पिछले दो वर्ष में वाणिज्यिक बैंकों को जम्मू कश्मीर में परिचालन का विस्तार करने के अवसर प्रदान करने के लिए सुधार किए गए हैं। क्रेडिट ऋण प्रणाली को और अधिक बेहतर बनाया जा रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एमके जैन ने अधिक वित्तीय समावेशन के लिए बैंकों की उपस्थिति बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी बैंकर्स समिति द्वारा की जाती है। इसके साथ बैंकिंग बुनियादी ढांचे के निर्माण, जिला सहकारी समितियों और अन्य बैंकिंग सहकारी समितियों को सुव्यवस्थित करने, नाबार्ड योजनाओं के तहत धन का प्रभावी उपयोग, उद्योग और वाणिज्य क्षेत्रों की चिंताओं, बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता, सूक्ष्म वित्त संस्थानों और एनबीएससी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई।