जम्मू। प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया जा रहा है। 400 से अधिक स्वास्थ्य परियोजनाओं पर 7177 करोड़ खर्च किया जा रहा है। 4000 करोड़ रुपये की लागत से दो नए एम्स जम्मू और कश्मीर संभाग में बन रहे हैं। सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। 1595 करोड़ की अनुमानित लागत से दस नए नर्सिंग कॉलेज भी बनाए जा रहे हैं।
दो राज्य कैंसर संस्थान मंजूर किए गए हैं। इन पर 240 करोड़ खर्च किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर को भी पीएमडीपी के तहत 140 स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए 881 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें से 75 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 26 परियोजनाएं जल्द ही पूरी हो जाएंगी। विश्व बैंक जम्मू-कश्मीर को 367 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है, जिससे यहां स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों को और मजबूती मिल रही है।
जम्मू-कश्मीर में डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा रहा है। उधमपुर और हंदवाड़ा में दो नए मेडिकल कॉलेजों के अलावा पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सरकारी मेडिकल कॉलेज में 500 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं। मौजूदा 300 बिस्तर वाले अस्पतालों को 500 बिस्तरों में विकसित किया गया है।
स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए एक और उल्लेखनीय पहल में जम्मू-कश्मीर प्रशासन दो मेडीसिटी भी स्थापित करने जा रहा है। कश्मीर संभाग में मेडिसिटी की स्थापना सेंपोरा और पंपोर में की जाएगी। इसी तरह जम्मू संभाग में मेडिसिटी की स्थापना मीरां साहिब जम्मू में की जाएगी।