जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू एम्स, आईआईटी जम्मू और जंबू जू के तेजी से जारी निर्माण कार्य पर संतुष्टि जताते हुए संबंधित एजेंसियों की सराहना की। रविवार को राजभवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग और कैमरा माउंटेड ड्रोन के माध्यम से उपराज्यपाल ने मेगा परियोजनाओं में प्रगति की समीक्षा की।
बैठक के दौरान उपराज्यपाल को परियोजनाओं की शारीरिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी दी गई। एम्स जम्मू के निदेशक डॉ. शक्ति गुप्ता ने बताया कि विजयपुर में एम्स के निर्माण के लिए 1661 करोड़ की राशि मंजूर हुई है। 1452 करोड़ की राशि निर्माण कार्य और 209 करोड़ की राशि चिकित्सा उपकरणों और फर्नीचर की खरीद पर खर्च होगी।
उन्होंने बताया 1253 करोड़ की राशि के निर्माण कार्य का टेंडर हो चुका है। परियोजना के प्रथम चरण के तहत अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, स्टाफ क्वार्टरों, विद्यार्थियों के लिए आवास, सभागार, आयुष इमारत, रात्रि के लिए शेल्टर व अन्य विकास कार्य जारी हैं। उन्होंने बताया कि तय समय पर जम्मू एम्स का निर्माण कार्य पूरा हो, इसके लिए परियोजना स्थल पर पर्याप्त संख्या कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
वहीं, आईआईटी जम्मू के निदेशक डॉ. मनोज सिंह गौड़ ने बताया कि परियोजना के लिए 1283.94 करोड़ की राशि मंजूर हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री चरण एक ए और चरण एक बी के तहत हुए कार्य का पहले ही उद्घाटन कर चुके हैं। चरण एक सी के तहत कार्य जारी हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्य वन्यजीव वार्डन सुरेश कुमार गुप्ता ने जंबू जू के बारे में बताया कि परियोजना की कुल अनुमानित लागत 62.41 करोड़ में से अभी तक 49. 17 करोड़ की राशि मंजूर हुई है।
वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत जरूरी योजना को मंजूरी प्रदान करने के लिए केंद्रीय जू प्राधिकरण से संपर्क किया गया है। प्राधिकरण को मंजूरी के लिए संशोधित योजना भी सौंपी जा चुकी है। इस अवसर पर बताया गया कि जम्मू एम्स के चरण एक के निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूरे होने की उम्मीद हैं। जंबू जू के चरण एक के कार्य सितंबर 2022 और आईआईटी जम्मू के चरण एक सी के कार्य अप्रैल 2023 तक पूरे होने की समय सीमा निर्धारित की गई है। बैठक में मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर व अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।