जम्मू। स्पेशल ट्रिब्यूनल जम्मू के न्यायिक सदस्य राजेश सेखड़ी ने ममता सिंह पत्नी निर्मल सिंह पूर्व उपमुख्यमंत्री के घर को तोड़ने के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक बढ़ा दी है। अब जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) और अपीलकर्ता ममता सिंह को आपत्ति दर्ज करने का अंतिम अवसर दिया गया है।
जेडीए की दलील है कि बिना अनुमति के घर का निर्माण किया गया है। जब मामला कोर्ट में पहुंचा तो अपीलकर्ता ममता सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता राहुल सदोत्रा ने जेडीए की याचिका पर आपत्ति दर्ज की और अवसर मांगा। अदालत ने जेडीए की ओर से पेश अधिवक्ता आदर्श शर्मा से पूछा कि क्या आवेदन पर अपनी आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं। जेडीए के वकील ने भी आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय मांगा।
अधिवक्ता मुजफ्फर अली शाह ने दलील दी कि अपीलकर्ता और जेडीए दोनों को सुनवाई की अंतिम तिथि पर पहले ही एक महीने से अधिक का समय दिया जा चुका है। उन्होंने आपत्तियां दर्ज नहीं की हैं और दोनों पक्ष मामले को आगे बढ़ाना चाहते हैं। अभियोग के लिए आपत्तियां 7 फरवरी को सूचीबद्ध करने के लिए कहा है। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख तक घर तोड़ने पर रोक बढ़ा दी।
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8 नवंबर को जारी हुआ था नोटिस
जेडीए ने 8 नवंबर 2021 को भवन नियंत्रण संचालन अधिनियम 1988 की धारा 7 (3) के तहत अंतिम विध्वंस नोटिस जारी किया था। ममता सिंह ने विध्वंस आदेश के खिलाफ अपील दायर की।