जम्मू। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने ग्रामीण विकास विभाग को अगले वित्त वर्ष में 60 हजार बेरोजगार युवाओं को हिमायत योजना के तहत प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कहा-प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में 20 उच्च शिक्षित युवाओं की पहचान की जाए। युवाओं को रोजगार देकर जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी को 5 फीसदी से कम करने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
मंगलवार को हिमायत योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हिमायत योजना 31 मार्च 2023 तक चलनी है, इसलिए विभाग को 3 से 9 महीने के लघु अवधि के कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को लक्षित करना चाहिए। आयुक्त सचिव आरडीडी मंदीप कौर ने बताया कि योजना की शुरुआत से अब तक लगभग 19 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि करीब 4 हजार युवाओं को नौकरी दी गई है। अधिकांश प्रशिक्षुओं ने स्वास्थ्य सेवा, आईटी-टीईएस, खुदरा, दूरसंचार, पर्यटन और आतिथ्य आदि जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अगले वित्त वर्ष में 60 हजार युवाओं को प्रशिक्षण के लिए मौजूदा पीआईए के परामर्श से अंतिम रूप दिया जाएगा। विभाग कुशल, अर्धकुशल कार्यबल की उनकी आवश्यकता का पता लगाने के लिए बीआरओ के साथ संलग्न होगा।
मुख्य सचिव ने हिमायत के तहत आतिथ्य, उद्योग, आवास, शहरी विकास, पर्यटन, चिकित्सा प्रयोगशाला, जल शक्ति विभाग के जल परीक्षण प्रयोगशाला आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था करने को कहा। इन क्षेत्रों की मांग बढ़ी है। उद्योगों में निवेश बढ़ा है। उन्होंने हिमायत के बेहतर प्रदर्शन के लिए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू और उड़ीसा जैसे राज्यों के अधिकारियों से परामर्श लेने पर जोर दिया। जम्मू-कश्मीर में योजना के कार्यान्वयन में और सुधार लाया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि केवल उन्हीं पीआईए को नियुक्त किया जाना चाहिए जिनके पास जनादेश को पूरा करने की आवश्यक क्षमता है और जिन्हें भारत सरकार द्वारा काली सूची में नहीं डाला गया है और न ही एसीबी के किसी मामले में शामिल हैं। हिमायत योजना के कार्यान्वयन की नियमित निगरानी के लिए एक उचित संस्थागत तंत्र स्थापित किया जाए।