जम्मू। जीओसी इन सी उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने वीएसएम (सेवानिवृत्त) कर्नल केएस जम्वाल के आवास का दौरा किया। बैठक में कर्नल केएस जम्वाल और जनरल जोशी ने पुरानी यादों को साझा किया।
जनरल जोशी का मानना है कि यूनिट में पहले कुछ वर्ष सेना अधिकारी के रूप में उनकी नींव का सबसे मूल्यवान हिस्सा जम्वाल रहे हैं। भविष्य की चुनौतियों और समृद्ध योगदान के लिए तैयार करने का श्रेय वह उन्हें देते हैं।
कर्नल जमवाल का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कर्नल जम्वाल एक कुशल प्रशिक्षक हैं और मैं उनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और निरंतर प्रेरणा के लिए आभारी हूं।
उन्होंने कहा कि मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मैं यहां तक पहुंचुंगा। कर्नल जम्वाल ने कहा, जनरल जोशी को 13 जैक राइफल में सेकंड लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला। उस समय मैं यूनिट की कमान संभाल रहा था और नागालैंड में थे। अपने शुरुआती सेवा के दिनों से ही उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। हर काम में सबसे आगे रहे।
मुझे याद है कि यूनिट के कठिन कार्य उन्हें दिए गए। उन्होंने हमेशा टीम को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर किया। मुझे वास्तव में उन पर और उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने ऑपरेशन विजय और पराक्रम में 13 जैक राइफल की कमान संभाली। जनरल जोशी ने अपने उत्कृष्ट नेतृत्व से कारगिल युद्ध के दौरान देश का ध्यान खींचा और अपनी यूनिट को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। ऑपरेशन विजय में उनकी कमान के तहत यूनिट को दो परमवीर चक्र, आठ वीर चक्र और चौदह सेना पदक सहित कुल 37 वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। यूनिट को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ यूनिट प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया था।