जम्मू। सरकारी स्कूलों में कक्षा छठी और उससे ऊपर के विद्यार्थी अब कंप्यूटर के बिना कोडिंग सीख सकेंगे। प्रदेश समग्र शिक्षा ने नई शिक्षा नीति के तहत बुधवार को कोडिंग प्रोजेक्ट की ई-शुरुआत की। परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा दीप राज ने आईसीटी पहल, जेके नॉलेज नेटवर्क (जेकेकेएन), यूनिसेफ इंडिया और पाई जैम फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से इस कार्यक्रम को शुरू किया है।
इस कार्यक्रम के तहत 50 स्कूली शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में चुना गया है। इन शिक्षकों को स्क्रैच और अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद वह विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण दे सकेंगे। कार्यक्रम में दूरदराज क्षेत्रों के बच्चे बोर्ड गेम के माध्यम से कंप्यूटर के बिना कोडिंग सीख सकेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक स्वभाव और समस्या समाधान कौशल विकसित करना है। इस दौरान परियोजना निदेशक दीप राज ने कहा कि एनईपी 2020 के तहत की गई प्रमुख सिफारिशों में से एक है और जम्मू-कश्मीर इसे शुरू करने में सबसे आगे है।