जम्मू। प्रदेश में सितंबर 2021 में तेज बारिश और तूफान से बर्बाद हुई धान और सब्जियों की फसल का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिल पाया है। हालांकि फसल बीमा योजना के तहत किसानों के केसीसी खाते से प्रीमियम की राशि काटी जा चुकी है। अभी तक केंद्र और यूटी का हिस्सा (शेयर) कंपनी के पास जमा नहीं हो पाया है। इस कारण प्रदेश के 52 हजार से ज्यादा किसान मुआवजे से वंचित हैं। इन्हें 20 लाख मुआवजा मिलना है।
कृषि विभाग के अनुसार 9.66 करोड़ रुपये केंद्र सरकार जबकि इतनी ही राशि यूटी सरकार ने कंपनी के पास जमा करवानी है। किसानों के खातों से करीब 4.12 करोड़ रुपये कट चुका है। किसानों का तर्क है कि एक तो तूफान ने बर्बाद कर दिया। केसीसी खातों से प्रीमियम राशि भी कट गई है। कंपनी से पूछते हैं तो जवाब मिलता है कि यूटी और केंद्र का हिस्सा नहीं मिला है। दोनों हिस्से मिलने के बाद ही मुआवजा जारी होगा।
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21 हजार हेक्टेयर में फसल को पहुंचा था नुकसान
प्रदेश भर में बारिश और तूफान के चलते 21 हजार 712 हेक्टेयर भूमि में उगी फसल को नुकसान पहुंचा था। आधी फसल पानी में डूब गई थी। सबसे ज्यादा नुकसान बासमती की फसल को हुआ है। किसानों का कहना है कि फसल की बर्बादी के पास किसान पटवारी और कृषि विभाग के पास गए और मुआवजे के लिए कागजी कार्रवाई पूरी की थी। इसके बाद कागजात बीमा कंपनी के पास गए थे, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
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किसानों के साथ हो रहा अन्याय
जेएंडके किसान काउंसिल के अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह वजीर ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय हुआ है। कई बार प्रतिनिधिमंडल ने कृषि अधिकारियों से मुलाकात की, मगर मुआवजा नहीं मिला। यह सरासर किसानों के साथ अन्याय है। पचास हजार से ज्यादा किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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कोट
कागजी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। यूटी और केंद्र के हिस्से के लिए कार्रवाई चल रही है। किसानों को मुआवजा हर हाल में मिलेगा। कार्रवाई पूरी हो चुकी है। नुकसान की भरपाई होगी।
- केके शर्मा, निदेशक, कृषि विभाग
किसानों से खेतों में पानी की निकासी व्यवस्था करने की अपील
स्कास्ट जे ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी, हो सकता फसल को नुकसान
जम्मू। स्कास्ट जे ने जम्मू संभाग में बारिश की संभावना के मद्देनजर किसानों से खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था करने की अपील की है। किसानों से कहा गया है कि समय रहते व्यवस्था कर लें, नहीं तो पानी भरने से फसल बर्बाद हो सकती है। एडवाइजरी को किसानों के व्हाट्सएप नंबर और ईमेल पर भी भेजा गया है। इसमेें अगले 5 दिनों तक हलकी बारिश की संभावना जताई गई है।
जम्मू संभाग में इस समय किसान गेहूं, सरसों, तिलहन, सब्जी और फूलों की खेती कर रहे हैं। अगर खेत में बारिश का पानी रुकेगा तो फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा है। हालांकि बीते साल सितंबर माह में भी बारिश के कारण धान की फसल बर्बाद हुई थी, क्योंकि किसान समय पर पानी की निकासी का प्रबंध नहीं कर पाए थे। इस बार स्कास्ट जे ने किसानों को समय पर व्यवस्था करने को कहा है। सबसे ज्यादा नुकसान समतल इलाकों में हो सकता है।