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पंचायत कांफ्रेंस का दावा - पंचायतों को मिला 70 फीसदी अनुदान लैप्स होने वाला

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जम्मू। आल जम्मू-कश्मीर पंचायत कान्फ्रेंस ने कहा, पंचायतों में विकास के लिए जारी कैपेक्स बजट की 70 फीसदी राशि लैप्स होने के कगार पर है। जम्मू में बुधवार को आयोजित एक दिवसीय पंचायत सम्मेलन में पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि वर्ष 2021-22 के लिए प्रत्येक पंचायत को 23 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। जम्मू-कश्मीर में 4200 से अधिक पंचायतों को 1200 करोड़ दिए गए थे, जिसमें से 900 करोड़ लैप्स होने वाले हैं। यह राशि कैपेक्स बजट के तहत विकास कार्यों के लिए आवंटित की गई थी, लेकिन विभागीय लापरवाही और ई-टेंडरिंग में देरी से 70 फीसदी पैसा लैप्स हो रहा है। इस राशि का क्रियान्वयन पंचायतों, ब्लॉक विकास परिषद और जिला विकास परिषद के माध्यम से होना था।
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पंचायत कांफ्रेंस अध्यक्ष ने कहा कि ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का हमने स्वागत किया था, लेकिन इसे जमीनी स्तर पर गति देने के लिए समय पर कार्य योजना नहीं बनाई गई। नतीजतन प्रदेश की 4200 से अधिक पंचायतों में अब तक मुश्किल से 18 से 22 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की ओर से पर्याप्त पैसा देने का एलान किया गया था। जमीनी स्तर पर अमल के मामले में विभागीय अव्यवस्था ने विकास की राह में रोड़ा डाल दिया है। सम्मेलन में 14वें वित्तीय आयोग की अंतिम किस्तों (वर्ष 2019 में देय) को जारी न करने पर रोष जताया गया। इसके लिए ग्राम सभाओं ने कई परियोजनाएं प्रस्तुत की थीं। धन की कमी से अब निर्वाचित पंचों, सरपंचों को जन आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। सम्मेलन में पारित प्रस्ताव में वित्त विभाग, उपराज्यपाल और केंद्रीय वित्त मंत्रालय से राशि में एकमुश्त छूट पर विचार के साथ 15वें वित्तीय आयोग की पहली किस्त जारी करने की मांग की गई।
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चालू वित्त वर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। किन्हीं परिस्थितियों में जो राशि समय से खर्च नहीं पाई है, उसे एडजस्ट करने की व्यवस्था करवाई जाएगी। 70 फीसदी राशि लैप्स होने की बात तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
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- मोहम्मद मुमताज अली, निदेशक जम्मू, ग्रामीण विकास विभाग
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