पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सुधार एक ऐसी प्रक्रिया है, जो निरंतर चलती है। इससे पार्टी, समाज और देश के लिए भला होता है। इसी प्रक्रिया को वह कांग्रेस में सुनिश्चित करना चाहते हैं। कांग्रेस में आमूलचूल सुधार की आवाज उठाने वाले 23 नेताओं में शामिल जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर उन्होंने कहा कि यह सब जनता के हाथ है।
कांग्रेस पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा- मैं 24 कैरेट का खालिस कांग्रेसी हूं। इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए। 18 कैरेट के कांग्रेसियों की चुनौती कोई मायने नहीं रखती। आजाद ने कहा कि वे पार्टी से खफा नहीं हैं। केवल संगठन में सुधार और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर मजबूती लाना चाहते हैं।
विज्ञापन
खौड़ में आजाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुधार एक ऐसी प्रक्रिया है, जो निरंतर चलती है। इससे पार्टी, समाज और देश के लिए भला होता है। इसी प्रक्रिया को वह पार्टी में सुनिश्चित करना चाहते हैं। कांग्रेस में आमूलचूल सुधार की आवाज उठाने वाले 23 नेताओं में शामिल जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर कहा कि यह सब जनता के हाथ है। उन्होंने कहा कि यह जरूर है कि महंगाई और बेरोजगारी के चलते लोग भाजपा से उकता चुके हैं।
वर्तमान सरकार से बेहतर था महाराजाओं का शासन
आजाद ने कहा कि महाराजाओं का शासन वर्तमान सरकार की तुलना में कहीं बेहतर था। पिछले ढाई साल में जम्मू-कश्मीर में व्यापार और विकास गतिविधियों में गिरावट के साथ लोग गरीबी की ओर बढ़ रहे हैं। पारंपरिक दरबार मूव की प्रथा को खत्म कर दिया गया है।
विज्ञापन
आजाद ने कहा कि दरबार मूव के तहत छह-छह माह नागरिक सचिवालय कार्यालय जम्मू और श्रीनगर में काम करते थे। इसकी शुरुआत महाराजा रणबीर सिंह ने 1872 में की थी, लेकिन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गत जून में इस प्रथा को समाप्त करने की घोषणा की थी। मैं हमेशा दरबार मूव का समर्थन करता रहा हूं।