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परिसीमन आयोग की दिल्ली में बैठक आज, साफ हो सकती है विस सीटों की स्थिति

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण की स्थिति सोमवार को साफ हो सकती है। जिलेवार सीटों में बढ़ोतरी व आरक्षित सीटों का ब्योरा भी सार्वजनिक हो सकता है। परिसीमन आयोग ने 20 दिसंबर को सहयोगी सदस्यों की बैठक बुलाई है जिसमें नेकां और भाजपा के सभी पांच सांसदों का भाग लेना तय माना जा रहा है। पहली बार अनुसूचित जनजाति को प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा। साथ ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों का रोस्टर भी बदलेगा। अनुसूचित जनजाति के खाते में नौ सीटें आ सकती हैं, जबकि एससी के लिए सात सीटें निर्धारित हैं।
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बैठक में हिस्सा लेने के लिए नेकां के तीन सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन व हसनैन मसूदी व भाजपा के दो सांसद डा. जितेंद्र सिंह व जुगल किशोर शर्मा नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। राज्य चुनाव आयुक्त व मुख्य चुनाव अधिकारी भी दिल्ली में ही हैं। नेकां सांसद पहली बार आयोग की किसी बैठक में हिस्सा लेंगे। परिसीमन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई के बुलावे पर नई दिल्ली में सुबह साढ़े ग्यारह बजे बैठक बुलाई गई है। परिसीमन आयोग के पैनल में अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई के अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र और जम्मू-कश्मीर के राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा की मौजूदगी में होने वाली बैठक में आयोग की तरफ से जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर अब तक हुए कार्य पर चर्चा होगी।
इस बीच गुपकार गठबंधन जिसमें नेकां, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआईएम और अवामी नेशनल कांफ्रेंस जैसे दल शामिल हैं ने 21 दिसंबर को जम्मू में बैठक बुला ली है। इस बैठक में परिसीमन आयोग द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद की रणनीति पर चर्चा कर गुपकार गठबंधन अपना पक्ष साफ करेगा।
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सभी दलों की नजरें बैठक पर
वहीं प्रदेश के प्रत्येक छोटे-बड़े राजनीतिक दल की नजरें परिसीमन आयोग की बैैठक पर टिकी हुई हैं। सियासत गरम है। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि क्या राजनीतिक बदलाव होगा। कौन-कौन सी सीटें आरक्षित होंगी और किन-किन क्षेत्रों को हटाया जाएगा।
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