जम्मू। राजनीतिक पार्टियों और विभिन्न संगठनों ने त्राल में आतंकियों द्वारा की गई भाजपा नेता राकेश पंडिता की हत्या की निंदा की है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी तरुण चुघ ने कहा कि मोदी सरकार प्रदेश में विकास और शांति के लिए प्रयास कर रही है। वहीं पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवादी शांति को भंग करने की साजिश के तहत भाजपा नेताओं को निशाना बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि आतंकियों को उनकी करनी का दंड मिलकर रहेगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि राकेश पंडिता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। कायर पाकिस्तान के इशारे में भाजपा के समर्पित नेता राकेश पंडिता की निर्मम हत्या आतंकियों ने की है। आतंकियों को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष लीलाकरण शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राकेश पंडिता की हत्या की कड़ी निंदा की गई। लीलाकरण शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से कश्मीर में हिंदुओं को लक्ष्य बनाकर हत्याएं की जा रही हैं, उसका विहिप कड़ा विरोध करती है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा कश्मीर संभाग में रह रहे हिंदू समाज के लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं। बैठक में प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गुप्ता, प्रांत उपाध्यक्ष शक्ति दत्त शर्मा, प्रांत महामंत्री अभिषेक गुप्ता, सह मंत्री नीशू गुप्ता, कर्ण सिंह ठाकुर व बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक कार्तिक सूदन आदि मौजूद रहे।
वहीं, सीपीआई एम के नेता मोहम्मद युसूफ तारिगामी ने भी राकेश पंडिता की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवदेना प्रकट की है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी निहत्थे व्यक्ति की हत्या का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की हत्याओं पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में मूला राम, रमण भल्ला, रवींद्र शर्मा, योगेश साहनी, बलवान सिंह, अशोक शर्मा, रमण मट्टू, सुमन भगत, माजिद वानी, ठाकुर बलवीर सिंह आदि ने भाजपा नेता राकेश पंडिता की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए शोक जताया। इसके अलावा हमले में घायल हुई आसिफा मुश्ताक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है। अपनी पार्टी के अध्यक्ष सईद अल्ताफ बुखारी ने भी हत्या की कड़ी निंदा की है।
हमला सुरक्षा में विफलता से हुआ : कौल
भाजपा महासचिव (संगठन) अशोक कौल ने हमले को प्रशासन और पुलिस की ‘सुरक्षा विफलता’ करार दिया है। उन्होंने पूछा कि कैसे आतंकवादी बंदूकें लेकर खुलेआम घूम रहे हैं और लोगों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि राकेश पंडिता को बिना सुरक्षा के जाना नहीं चाहिए था।
वहीं समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने आरोप लगाया कि यह हमला कश्मीरी पंडितों के बीच दहशत पैदा करने का प्रयास है। जैसा कि 1990 के दशक में घाटी में किया गया था।