हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने कहा कि हुर्रियत अध्यक्ष के प्रति शासक वर्ग का यह निरंकुश रवैया बेहद खेदजनक है। उनके सभी मानव और मौलिक अधिकार और नागरिक स्वतंत्रता पिछले दो वर्षों से पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं।
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने गुरुवार को अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि उनके मौलिक अधिकार और नागरिक स्वतंत्रता पिछले दो वर्षों से पूरी तरह से उनसे छीन ली गई है। बिलाल लोन के आवास पर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की कार्यकारिणी समिति की बैठक के बाद मीरवाइज की रिहाई की मांग की गई।
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संगठन ने जारी किए एक बयान में कहा कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी सदस्य व पदाधिकारी अधिकारी अवैध रूप से मनमाने ढंग से घर में नजरबंद मीरवाइज की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं।
उन्होंने दुनिया के सभी राइट एक्टिविस्ट संगठनों और लोकतंत्रों से मीरवाइज की रिहाई और उनके मानवाधिकारों की बहाली को सुनिश्चित करने की अपील की। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने कहा कि उसके कार्यकारी सदस्यों प्रोफेसर अब्दुल गनी भट, बिलाल लोन और मसरूर अब्बास अंसारी को मीरवाइज से उनके नगीन स्थित आवास पर मिलने की अनुमति नहीं दी गई।