कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में सेना द्वारा आम नागरिकों के सहायतार्थ उठाए गए कदमों की जमीनी हकीकत की समीक्षा के लिए सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बुधवार को जम्मू के सैन्य अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने डॉक्टरों व अन्य चिकित्सा कर्मियों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लेने के बाद उनकी सराहना की। इस बीच उन्होंने उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी के और जीओसी व्हाइट नाइट कॉर्प्स के साथ अखनूर, नौशेरा और राजोरी के अग्रिम इलाकों का दौरा कर किया।
सेनाध्यक्ष जनरल दो दिन के दौरे पर जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। बुधवार को दौरे के अंतिम दिन वह व्हाइट नाइट कॉर्प्स के मुख्यालय पहुंचे। जहां व्हाइट नाइट कॉप्,4 के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल सुरेन्द्र कुमार ने सेनाध्यक्ष के साथ उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी को कोरोना महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में सेना की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सेना मदद पहुंचाने का काम कर रही है।
इसके बाद सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे ने उत्तरी सेना के कमांडर और व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जीओसी के साथ अखनूर, नौशेरा और राजोरी के अग्रिम इलाकों का भी दौरा कर आईबी की स्थिति का जायजा लिया।इस दौरान जनरल नरवणे ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों के साथ बातचीत की और नियंत्रण रेखा की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ नागरिक प्रशासन और स्थानीय लोगों की विशेष रूप से मदद करने के लिए सेना के जवानों की सराहना की। उन्होंने जवानों और अधिकारियों से इस लड़ाई में मिलकर काम करने का आह्वान किया।
सेना ने मरीजों के लिए बनाया कोविड अस्पताल
सेना ने कोरोना से जंग में जम्मू और कश्मीर दोनों ही जगह कोविड अस्पताल का भी निर्माण किया है। श्रीनगर के रंगरेथ में 250 व जम्मू के दोमाना में 100 बेड का अस्पताल बनाया है। भगवती नगर में कोविड अस्पताल बनाने का काम चल रहा है। उत्तरी कश्मीर के बारामुला व उड़ी में कश्मीरी अवाम की सेहत के लिए 20-20 बेड का अस्पताल स्थापित किया है। इन सबके अलावा स्थानीय प्रशासन की सिफारिश पर जम्मू-कश्मीर के सभी सैन्य अस्पतालों में रेफर किए गए कोरोना मरीजों के इलाज की भी अनुमति दे दी गई।