एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद नेंगरू को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मुंबई की एसआईएलए (सिला) कंपनी को हाउसकीपिंग का टेंडर अवैध रूप से आवंटित करने के मामले में की गई है। इससे बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।
एसीबी के अनुसार यह मामला अवैध रूप से हाउसकीपिंग का टेंडर मुंबई आधारित एसआईएलए साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दिए जाने के संबंध में है। टेंडर में दिए गए मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया और न ही संबंधित फार्म आवंटन के किसी भी मानक में आता है। टेंडर प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन न करने, एटीएम की सफाई समुचित रूप से न होने, मैनेजमेंट फीस के भुगतान में विलंब तथा अन्य प्रकार की अनियमितताएं जांच के दौरान पकड़ी गईं। इस आधार पर टेंडर देने की तिथि से बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। एसीबी के अनुसार श्रीनगर एसीबी थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही थी।
अवैध नियुक्ति मामले में हो चुका है आरोप पत्र दाखिल
एसीबी के अनुसार परवेज अहमद के खिलाफ बैंक में अवैध नियुक्ति मामले में भी आरोपपत्र दाखिल किया गया है। आरोप पत्र एंटी करप्शन कोर्ट में दाखिल किया गया है। एसीबी के अनुसार अवैध नियुक्तियों से बैंक को 250 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। यह नुकसान कर्मचारियों को दिए गए वेतन के मद में है।
फर्म तथा तीन पूर्व बैंक अधिकारियों के खिलाफ दर्ज था मुकदमा
एसीबी ने टेंडर घपले में पिछले साल अक्टूबर महीने में फर्म तथा तीन पूर्व बैंक अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। यह मुकदमा टेंडर नियमों का पालन न करने के चलते बैंक को हुए 6.92 करोड़ रुपये मामले में था। इस मामले में परवेज नेंगरू के अलावा एसआईएलए साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक साहिल वोरा व ऋषभ वोरा, जेके बैंक के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत सिंह सहगल (अब सेवानिवृत्त) व सहायक उपाध्यक्ष फिरोज अहमद का भी नाम था।
नायब तहसीलदार 30 हजार रिश्वत लेने में गिरफ्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो ने बारामुला जिले के टंगमर्ग के नायब तहसीलदार बशीर अहमद हजाम को 30 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार एक शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि उसकी मां के नाम चंडिल टंगमर्ग में 12 कनाल जमीन है। इसमें से छह कनाल जमीन उसकी मां ने बेच दी है। इस पर राजस्व कागजात के लिए वह राजस्व विभाग गया। संबंधित पटवारी ने कागजात तैयार कर दिए। जब वह इंतखाब लेने गया तो नायब तहसीलदार ने 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद उत्तरी कश्मीर स्थित एसीबी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इस आधार पर बशीर अहमद हजाम (निवासी गांदरबल) को 30 हजार रुपये रिश्वत मांगते व लेते गिरफ्तार किया गया।