जम्मू-कश्मीर में प्रदेश का पहला फ्रेट टर्मिनल सांबा में 150 करोड़ की लागत से बनने जा रहा है। फ्रेट टर्मिनल बनने से न सिर्फ उद्योग बल्कि कृषि और बागवानी से जुड़े किसानों को लाभ होगा। फ्रेट टर्मिनल सांबा रेलवे स्टेशन के साथ बनेगा, जिसका काम जल्द शुरू होगा।
एसीटीएल कंपनी इस टर्मिनल का निर्माण करेगी। इसके लिए सिडको ने कंपनी को जमीन भी सौंप दी है। कंपनी 75 दिनों में जरूरी अनुमति और कागजी कार्रवाई पूरी करेगी। फ्रेट टर्मिनल सांबा रेलवे स्टेशन के साथ बनेगा, इसके लिए वर्तमान रेल लाइन से एक अलग लाइन निकाली जाएगी। इसे दोनों ओर से मुख्य रेल लाइन से कंनेक्ट किया जाएगा।
फ्रेट टर्मिनल दो से पांच मालगाड़ी की क्षमता वाला होगा। यहां पर प्रतिदिन छह हजार से नौ हजार मीट्रिक टन सामान की ढुलाई की जाएगी। टर्मिनल में कंटेनर की मदद से कृषि, ऑटोमोबाइल, औद्योगिक, कंस्ट्रक्शन सहित अन्य सामान की ढुलाई के साथ उसके रखरखाव की सुविधा भी उपलब्ध होगी। फ्रेट टर्मिनल में कोल्ड स्टोर की सुविधा होगी, जिससे बागवानी से जुड़े किसानों को लाभ होगा।
सड़कों पर वाहनों का दबाव होगा कम
प्रदेश में आने और प्रदेश के बाहर जाने वाला अधिकांश सामान सड़क मार्ग से ट्रक से भेजा जाता है। फ्रेट टर्मिनल बनने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। अधिकांश सामान मालगाड़ी से जाएगा और आएगा। एक समय में ज्यादा सामान की ढुलाई के साथ सुरक्षित परिचालन भी होगा। फ्रेट टर्मिनल बनने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
सिडको के एमडी ने कहा...
फ्रेट टर्मिनल का डीपीआर मंजूर हो गया है। 150 करोड़ की लागत से यह टर्मिनल सांबा रेलवे स्टेशन के पास बनेगा। एटीसीएल कंपनी इसका निर्माण करेगी। कंपनी ने रेलवे से संबंधित अनुमति पहले ही ले ली है, अब बिल्डिंग सहित अन्य जरूरी अनुमति के लिए 75 दिनों का समय निर्धारित किया है। फ्रेट टर्मिनल बनने से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।