सरहद के उस पार से पाकिस्तानी लोग भी देखते रहे मेला...
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सीमा पर शांति होने के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संग्राल में वार्षिक मेला आयोजित हुआ। इस मेले का आनंद पाकिस्तान के ग्रामीण और रेंजर्स ने भी उठाया। आरएस पुरा सेक्टर में बाबा साईं सवाली की नौ गज पीर मजार पर वीरवार को वार्षिक मेला लगा। इसमें बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने मजार पर माथा टेका और आशीर्वाद लिया।
सीमावर्ती गांव संग्राल के सटे भारत- पाकिस्तान सीमा पर मेले को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। बाबा साईं सवाली की नो गज पीर मजार पर दिन निकलने के साथ ही क्षेत्र के ग्रामीण माथा टेकने के लिए पहुंचते रहे। जो शाम तक चलता रहा। सीमा सुरक्षा बल ने इस मेले के लिए गांव की गठित कमेटी के सदस्यों के साथ सहयोग कर मेले का आयोजन करवाया। मेले में पहुंचे बुजुर्ग करतार चंद्र ने बताया कि आजादी से पूर्व यहां पर मेला लगने के दौरान पाकिस्तान के ग्रामीण भी यहां पहुंचकर माथा टेकते थे।
विभाजन के बाद बनी सरहद पर दूरियां बढ़ने के बाद ऐसा मौका नहीं आया। उन्होंने बताया कि दोनो देशों के बीच संर्घष विराम के उपरांत पिछले कई वर्षों से बाबा साईं सवाली की नौ गज पीर मजार मेले का आयोजन किया जा रहा है। पूर्व नायब सरपंच प्रीतम सिंह चिब ने बताया कि संघर्ष विराम के बाद मेले का आयोजन किए जाने पर की गई तारबंदी के पार पाकिस्तान क्षेत्र के ग्रामीण यहां पहुंच अपने क्षेत्र से बाबा की दरगाह पर नमन करते हैं।
पाकिस्तानी रेंजर्स सुबह से ही अपने लोगों के साथ रहे तैनात
वीरवार सुबह भी पाकिस्तान में रहने वाले लोग दूर से मेले को देखकर दरगाह की ओर माथा टेका। उन्होंने वताया कि सीमा सुरक्षा बल की ओर से लगाए गए इस मेले में ग्रामीणों का काफी सहयोग किया जाता है। पाकिस्तान क्षेत्र में पाक रेंजर्स भी अपने लोगों पर नजर रखे होते हैं। मेला देखने पहुंचे जोगिन्द्र सिंह हीर ने बताया कि कई लोगों ने स्टाल लगा रखे हैं। उन्होंने बताया कि पहले पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से भी बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने के लिए पहुंचाई जाती थी। अब ऐसा नहीं होता।
मेले में पहुंचे युवा वर्ग के लोग नाचते हुए नजर आए और सीमापार पाकिस्तान के ग्रामीण भी भारतीय गीतों पर थिरकते हुए नजर आए। मेले में पहुंची एक घोड़ी ने नृत्य करने पर मेले में पहुचे लोगो ने आनंद लिया। मेले में आई महिला प्रकाशो देवी, प्रसन्नो देवी ने कहा कि वह मेले में अपने बच्चों को भी साथ लाई है ताकि उन्हें इस स्थान के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में शांति बनी रही। यहीं उन्होंने प्रार्थना की है।