Dilbagh Singh DGP Jammu Kashmir
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दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने अफसरों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदेश में शांति के दुश्मनों को सिर उठाने का कोई मौका नहीं मिलना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में वर्तमान शांतिपूर्ण माहौल पुलिस और सुरक्षा बलों ने बहुत मेहनत और बलिदान के बाद हासिल किया है। साथ ही उन्होंने कुलगाम जिले में पुलिस कर्मियों के लिए 13 विभिन्न सुविधाओं का भी उद्घाटन किया।
दोनों जिला मुख्यालयों पर बैठक के दौरान डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने के लिए पुलिस कर्मियों की सराहना की और भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ काम जारी रखने पर जोर दिया। कहा, हमारे जवान दिन रात काम कर रहे हैं। आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखा जाएगा। हालांकि, इस समय हमारी प्राथमिकता कोरोना से आम जनता को बचाना है। इस कोरोना कर्फ्यू में आम जनता को कोई समस्या सामने न आए इसलिए ऑपरेशन कम हो रहे हैं।
डीजीपी ने कहा कि जेकेपी ने अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ लोगों के मन में सुरक्षा की भावना पैदा करने में सफलता हासिल की है और अधिकारियों को पूरी व्यावसायिकता, ईमानदारी से और लोगों के कल्याण के लिए समर्पित तरीके से काम करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने पुलिस को नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने और इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की सलाह दी। इस दौरान उन्हें बताया गया कि दक्षिण कश्मीर में 100 आतंकी सक्रिय हैं।
दोनों जिलों में कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस की सहभागिता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कोरोना संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए सभी एहतियाती उपायों को लागू करें। उन्होंने कहा कि पीएचक्यू ने कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित हुए 882 कर्मियों के पक्ष में 44 लाख रुपये की राहत राशि मंजूर की है।
नया ब्लॉक शहीद डीएसपी अमन ठाकुर के नाम
बैठक के बाद डीजीपी ने 13 नवनिर्मित सुविधाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने जिला पुलिस लाइन में नवनिर्मित प्रशासनिक ब्लॉक का उद्घाटन करते हुए उसका नाम डीएसपी अमन ठाकुर के नाम पर रखा गया है। जिन्होंने 24 फरवरी 2019 को तुरीगाम, कुलगाम में एक मुठभेड़ के दौरान ड्यूटी के दौरान अपनी जान कुर्बान कर दी थी।