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जम्मू-कश्मीरः श्रीनगर में डीडीसी अध्यक्ष पद से दो ही कदम दूर अपनी पार्टी

Thu, 04 Feb 2021 02:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा संजीव दुबे, जम्मू

सार

  • दो निर्दलियों के समर्थन से पांच के आंकड़े पर पार्टी, भाजपा के पास है एक सदस्य
  • आठ के बहुमत पर नजर, श्रीनगर जिले में 7 सीटों के साथ सबसे ज्यादा जीतकर आए हैं निर्दलीय
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डीडीसी चुनाव, फाइल चित्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कश्मीर के श्रीनगर जिले में जिला विकास परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव दिलचस्प हो गए हैं। सात निर्दलियों में से दो सदस्यों को जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी में अपने साथ मिलाकर समीकरण बदल दिए हैं। भाजपा का सहयोग लेकर जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी जिला विकास परिषद अध्यक्ष पद के करीब पहुंचने को है। 

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बुधवार अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद अल्ताफ बुखारी की मौजूदगी में नौगाम से निर्दलीय जीतने वाले बिलाल अहमद भट और हरवन से निर्दलीय अली मोहम्मद राथर अपनी पार्टी में शामिल हुए हैं। इन दो निर्दलीय सदस्यों के अपनी पार्टी में शामिल होने से चुनावी समीकरण की नई तस्वीर उभर गई है। 14 सीटों में से अपनी पार्टी को तीन, नेकां, पीडीपी और भाजपा को एक-एक सीट हासिल हुई है। सबसे ज्यादा सात सीटें निर्दलियों ने जीती हैं। 

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जिला विकास परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के लिए आठ सदस्यों की जरूरत है। ऐसे में दो निर्दलीय सदस्यों के पार्टी में शामिल होने से अपनी पार्टी के पास पांच सदस्य हो गए हैं। ऐसे में भाजपा का समर्थन और दो अन्य निर्दलिय अपनी पार्टी के साथ आते हैं तो बहुमत का आंकड़ा पूरा हो जाएगा।

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डीडीसी चुनाव में नए गठबंधन बदलेंगे प्रदेश की सियासी तस्वीर

जम्मू-कश्मीर में सियासी उठापटक की दशा और दिशा तय करने में डीडीसी चुनाव बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। डीडीसी सदस्य चुनाव में गुपकार गठबंधन एक मंच पर आया। अब श्रीनगर सीट से अपनी पार्टी और भाजपा के बीच गठबंधन के आसार बन रहे हैं। कश्मीर संभाग की सबसे चर्चित और वीआईपी सीट पर यदि अपनी पार्टी और भाजपा के गठबंधन से अध्यक्ष बनते हैं तो इसका असर पूरे प्रदेश की सियासत पर पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी का गठन अनुच्छेद 370 हटने के बाद हुआ है। यह गुपकार गठबंधन का हिस्सा भी नहीं है। ऐसे में अगर भाजपा के साथ अपनी पार्टी का गठजोड़ होता है तो इससे पूरे प्रदेश की राजनीति प्रभावित होगी।

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बड़े नेता हारने पर नए चेहरों को मौका, भाजपा में नाराजगी
प्रदेश में छह जिलों में से पांच जिलों में डीडीसी अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हुए भाजपा नेता अंदरखाते पार्टी के फैसले से नाराज हैं। हालांकि वह अपनी नाराजगी केवल अपने समर्थकों के बीच ही जाहिर कर रहे हैं। आरक्षण रोस्टर व भाजपा के कई बड़े नेताओं के चुनाव हार जाने पर कई जिलों में ऐसे नाम तय किए गए हैं, जो पहले दौड़ में ही नहीं थे। जम्मू जिले में पूर्व मंत्री शाम चौधरी सुचेतगढ़ सीट से हार गए, जिसके चलते जम्मू जिले में अध्यक्ष पद की सीट एससी के लिए आरक्षित होने से भारत भूषण उम्मीदवारी की दौड़ में आगे निकल गए।

इसी तरह से डोडा जिले में पूर्व मंत्री एवं पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शक्ति परिहार गुंदना से हारे। ऐसे में धनंतर सिंह को पार्टी में उम्मीदवार बनने का मौका मिल गया। ऐसे ही केशव शर्मा को सांबा, सरफ सिंह नाग को रियासी, कर्नल मान सिंह को कठुआ जिले में डीडीसी अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया गया है। इससे अंदर खाते कई नेता व सदस्य नाराज हैं। उधमपुर में अभी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का फैसला नहीं हो पाया है।
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