अखनूर हेरिटेज म्यूजियम में प्रदर्शित कलाकृतियों को देखते राजनाथ सिंह।
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अखनूर। 9वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने एकजुट होकर अपने गौरवशाली समय को याद किया। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। इनमें कई ऐसे थे, जिन्होंने देश की रक्षा में ऐतिहासिक योगदान दिया।
स्पेशल पैरा फोर्सेज से 2012 में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर बीएस संब्याल (अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष) ने कहा कि इस तरह का आयोजन उनके लिए बेहद गौरवान्वित करने वाला है। उन्होंने कहा, यह कार्यक्रम न केवल पुराने साथियों से मिलने का मौका देता है बल्कि हमें अपनी सेवा के उस सुनहरे समय की याद भी दिलाता है जब हम देश की रक्षा के लिए समर्पित थे।
उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व सैनिक समाज सेवा में जुट जाते हैं और उनकी परिषद तीन स्तरों पर कार्य करती है–देश के लिए, समाज के लिए और सैनिकों व उनके परिवारों के लिए।
1990 में 3 जैकलाई से सेवानिवृत्त हुए और 1965 एवं 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग ले चुके कर्नल वीएस मंगोत्रा ने कहा कि 35 वर्षों बाद ऐसे आयोजन में आना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने बताया कि पुराने साथियों और प्रशिक्षुओं से मिलना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, यह आयोजन हमें हमारे जवानी के दिनों की याद दिलाता है और वर्तमान सैन्य अधिकारियों से मिलकर हमें अपनी ऊर्जा फिर से महसूस होती है। कर्नल मंगोत्रा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा सभी से मिलकर उनकी बात सुनने की पहल को बेहद खास बताया। उन्होंने इसे अपने जीवन के स्वर्णिम क्षणों में से एक बताया। यह आयोजन न केवल पूर्व सैनिकों के अनुभवों को साझा करने का मंच बना बल्कि उन्हें समाज और देश सेवा के लिए नए सिरे से प्रेरित भी करता है।