डोडा के अस्पताल में महिला ने 5.6 किलोग्राम के शिशु को जन्म दिया है। प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती को जब अस्पताल लाया गया तो जांच में पता चला कि गर्भ में बच्चा टेढ़ा है। इस पर डॉ. यशिका भगत की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम गठित की गई।
गायनी डॉक्टर ने कहा कि गर्भवती की नार्मल डिलीवरी की गई है। हालांकि उसे दौरा पड़ने की शिकायत थी। बीपी भी ज्यादा था। इस कारण चिकित्सकों को भी सुरक्षित प्रसव करवाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी। कोख में बच्चा उल्टा था।
करीब 20 मिनट के भीतर सुरक्षित प्रसव करवाया गया है। महिला ने इससे पहले अस्पताल में कभी जांच नहीं करवाई थी, जिससे यह परेशानी खड़ी हुई।
गायनी डॉक्टर यशिका भगत ने सुझाव दिया कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में आकर डॉक्टर के कहे अनुसार समय-समय पर जांच करवानी चाहिए। अस्पताल में ही प्रसव करवाएं। घर में प्रसव करवाने से कई प्रकार की समस्याएं हो सकती है। इससे बच्चे व मां को भी खतरा रहता है। अस्पताल में हर व्यवस्था होती है।
इस तरह के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। सामान्य तौर पर 3.5 से 4 किलोग्राम तक नवजात शिशु का वजन होता है, लेकिन डोडा में सामने आया मामला असामान्य है।- डॉ. अमन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, गांधी नगर अस्पताल (जम्मू)