केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए इस विद्युत उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को अतिरिक्त बिजली उपलब्धता वाला क्षेत्र बनाने के लिए उदारता के साथ कोष मुहैया कराएगी।
सिंह ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कथित भ्रष्टाचार के कारण पिछड़ गए जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य राज्यों के बराबर लाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और कार्यशैली में सुधार के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह काफी निराशाजनक है कि देश में बिजली उत्पादन के सबसे बेहतर संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद जम्मू-कश्मीर अपने उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने में पीछे है। राज्य के वर्तमान हालात के लिए पुरानी सरकारें सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
करीब 34,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विद्युत परियोजनाओं के संबंध में जम्मू-कश्मीर प्रशासन और नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह ने बैठक को संबोधित किया।
इस दौरान सिंह ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर के कथित पिछड़ेपन का जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।