इससे पहले 25 नवंबर को मुर्मू प्रशासन ने स्थितियों का आकलन करने के बाद उत्तरी कश्मीर के दो नेताओं की नजरबंदी समाप्त की जबकि दो नेताओं को एमएलए हॉस्टल में बने अस्थायी जेल से घर पर शिफ्ट कर दिया था। यह कार्रवाई 110 दिन बाद की गई थी।
23 नवंबर को अलग-अलग पार्टियों के चार नेताओं को उनके आग्रह पर कुछ घंटे परिवार वालों के साथ बिताने की अनुमति दी गई थी। प्रशासन ने बारामुला के दो पूर्व मंत्रियों दिलावर मीर और गुलाम हसन मीर की नजरबंदी हटा दी। 2002 में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की कैबिनेट में गुलाम हसन मंत्री थे।
बाद में उन्होंने मुफ्ती से अलग होकर डेमोक्रेटिक पार्टी नेशनलिस्ट (डीपीएन) का गठन कर लिया। इसके साथ ही पूर्व विधायक अशरफ मीर तथा हाकिम यासीन को एमएलए हास्टल से घर पर शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन उनकी हिरासत जारी रहेगी।