टनल के निर्माण के बाद जोजिला पास में वाहनों को गुजरने में करीब 3.5 घंटे का जो समय लगता है, वह केवल 15 मिनट में कवर हो जाएगा। सामरिक दृष्टि से चीन के साथ लगती सीमा पर सुरक्षा बलों को पहुंचने में आसानी भी होगी और 12 महीने सेना भी इस हाइवे का इस्तेमाल कर पाएगी।
इससे पहले जम्मू श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ही 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिनैनी नाशरी टनल राष्ट्र को समर्पित कर चुके है। 9.2 किलोमीटर लंबी चिनैनी नाशरी टनल वर्तमान में दक्षिण एशिया में सबसे लंबी हाइवे टनल हैं। जम्मू श्रीनगर नेशनल हाइवे पर ही 8.45 किलोमीटर लंबी बनिहाल काजीगुंड टनल का निर्माण कार्य भी जोरों पर चल रहा है। यह टनल भी 2019 तक पूरी हो जाएगी।
जोजिला टनल सुरक्षा बलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। मौजूदा समय में लेह और कारगिल में चीन के साथ लगती सीमा चौकियों तक सर्दियों के मौसम में आपूर्ति सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती रहती है। जोजिला टनल बनने के बाद 12 महीने वाहन श्रीनगर लेह, कारगिल पहुंच पाएंगे।