फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीट टॉपर बासित बिलाल खान से मिले उप-राज्यपाल, कहा- हमारे युवाओं को मिलने चाहिए सभी अवसर 

Tue, 20 Oct 2020 04:34 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
नीट टॉपर बासित बिलाल खान से मिल उप-राज्यपाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को राजभवन में जम्मू-कश्मीर नीट टॉपर बासित बिलाल खान से मुलाकात की।

विज्ञापन


उप-राज्पाल ने बासित को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और सभी युवाओं के लिए एक उदाहरण स्थापित करने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि बासित हमारा भविष्य हैं। उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ता बहुत से लोगों को प्रेरित करेगी। 

उपराज्यपाल ने कहा कि वह क्षेत्र के लोगों की अंतर्निहित ताकत से अच्छी तरह से अवगत हैं और सरकार उनकी प्रगति के लिए आवश्यक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को अपने सपने पूरे करने के लिए हर अवसर मिलना चाहिए। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें सफलता हासिल करने के लिए संसाधन और सहायता प्रदान करें। 
विज्ञापन


उप-राज्यपाल ने कहा कि ये उपलब्धियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करते हैं। ये सभी उपलब्धि हासिल करने वाले युवा क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास और सामुदायिक विकास के प्रमुख चालक होंगे।

18 वर्षीय बासित पुलवामा के नरवां इलाके के रहने वाले हैं। बासित ने नीट 2020 परीक्षा में 720 में से 695 अंक हासिल किए हैं। उप-राज्यपाल ने सभी क्वालीफायरों को बधाई दी और उनके भविष्य के प्रयासों में सफलता की कामना की।  

शिक्षकों ने की मदद 
आतंक रोधी अभियानों के चलते कभी मोबाइल और इंटरनेट पूरी तरह से बंद रहता तो कभी इंटरनेट की स्पीड 2जी तक मिल पाती। पुलवामा के बासित बिलाल ने कहा, ऐसे हालात में शिक्षकों ने बहुत मदद की। विशेष मोबाइल एप बनवाई, जिससे पढ़कर नीट में 695 अंक हासिल कर जम्मू-कश्मीर में टॉप किया।
विज्ञापन


इस सफलता पर उप राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान ने शनिवार को बासित बिलाल को सम्मानित किया था। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के नरवा गांव के रहने वाले बासित की देश में 188 रैंक है। सलाहकार ने बासित को प्रिंसिपल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन ऑफ वॉल्यूम 1 व 2 और गॉन्ग रिव्यू ऑफ मेडिकल फिजियोलॉजी किताबें उपहार में दीं। बासित ने बताया कि 2जी इंटरनेट स्पीड में पढ़ाई करना बेहद मुश्किल हो रहा था। शिक्षक ने विशेष एप तैयार करवाया और फिर पढ़ाई की सामग्री एप से भेजते रहे। बासित के शिक्षक ने कहा कि देश में टॉप करने वाले अभ्यर्थी ने जिन सुविधाओं के साथ पढ़ाई की है, वही बासित को मिलतीं तो 18 वर्षीय बासित भी टॉपर होता।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें