अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने से बदले ये हालात
अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने से हालात बदले गए हैं। अब पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी, गोरखा समुदाय जैसे अन्य एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अधिकार नहीं थे, जो अब मिले हैं। आधी आबादी को अधिकार मिले हैं, जिनके अधिकार पहले छीने गए थे।
कश्मीरी पंडितों को राजनीतिक आरक्षण मिला
कश्मीरी पंडितों को राजनीतिक आरक्षण दिया गया है। अब वो विधानसभा में अपने समाज की बात अपनी बातों को प्रमुखता से रख पाएंगे। देश में किसी हिस्से में कश्मीर पंडित रहता हो वह जम्मू कश्मीर में डोमिसाइल प्रमाण पत्र ले सकता है। यहां पर नौकरी के लिए आवेदन कर सकता है। पीओजेके लोगों को पहली बार भारत के नागरिक होने का बोध हुआ है। उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई है।
पहली बार पिछड़े वर्ग को आरक्षण मिला
पहली बार पिछड़े वर्ग को आरक्षण मिला है। 13 लाख दलितों को नौकरी और पढ़ाई में आरक्षण मिल रहा है। 13 नई जातियों को ओबीसी/एसटी में जोड़ा गया है। नौ सीटें एसटी के लिए आरक्षित हुई हैं। पहाड़ी समुदाय को आरक्षण मिलने जा रहा है। 34 साल बाद शिया समुदाय (10 प्रतिशत) मुहर्रम जुलूस निकाल सके हैं। एक करोड़ से ज्यादा लोगों में गर्व महसूस कर रहे हैं।
झेलम में पानी बहुत बह गया है। अब लाल चौक, पोलो व्यू मार्केट जैसे श्रीनगर में कई जगहों को विकसित किया गया है, जिन्हें अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के नमूने के तौर पर देखे जा सकते हैं। पेडेस्ट्रियन मार्ग पर यूरोप के बाद श्रीनगर में लोग देखने आ रहे हैं।
देश जम्मू कश्मीर को पर्यटन से जोड़ कर देखता है। पर्यटन प्रदेश की आमदनी का बड़ा स्रोत है। एक करोड़ 88 लाख आए थे। इस बार दो करोड़ सैलानी नवंबर तक आ चुके हैं। अब ऑटो वाला भी खुश है और रेहड़ी वाला भी खुश है। होटल फुल रहते हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े हर वर्ग में खुशी है।
प्रदेश में हथकरघा और हस्तशिल्प आमदनी के स्रोत में प्रमख है। इसे दोगुने से ज्यादा बढ़ाया गया है। इसके साथ ही हार्टिकल्चर प्लान बनाया गया है। इनकी पैदावार बढ़ाने के लिए, इन्हें अच्छा मार्केट दिलाया जाए। पांच चीजों को जीआई टैग मिला है। पशमीना, कार्पेट, खेती से जुड़ी चीजें, सेब, चैरी, ब्लू बेरी, केसर पैदवार बढ़ाने के लिए योजानाएं बनाई गई हैं।
जम्मू कश्मीर के लिए मुस्लिम देशों की धारणा बदली
कश्मीर में जी20 की बैठक में चीन को छोड़कर सभी देशों के लोग घाटी आए। तुक्रिये के सरकारी नहीं लेकिन नीजि सेक्टर के लोग आए। अब जम्मू कश्मीर के लिए मुस्लिम देशों को धारणा बदल गई है। पाकिस्तान का प्रोपगेंडा उसके अच्छे समय भी और अपने बुरे समय भी चलता रहेगा। अब पाकिस्तान में आतंकी भी सुरक्षित नहीं। पाकिस्तान कभी आतंकियों के जन्नत माना जाता रहा है। लेकिन अब यह भी बदल गया है।
उपराज्यपाल का पदभार मिलने को लेकर कहा कि यह सबसे बढ़िया असाइनमेंट मिला। जम्मू कश्मीर के विकास में, युवाओं को रोजगार मिले, प्रदेश के आगे बढ़े इसमें पीएम की रूची है। राजभवन में जनसंपर्क बढ़ा दिया गया है। लोगों में विश्वास अर्जित करने का यह रास्ते सही है। अगले पांच सालों में जम्मू कश्मीर को ऐसा प्रदेश बनाना चाहते है कि हर व्यक्ति कह सकें कि देश के किसी भी हिस्से में देश के विकास में प्रदेश का योगदान कम नहीं है। ऐसा प्रदेश हम बनाना चाहते हैं।