कटड़ा में मां वैष्णो देवी में हुए हादसे ने श्रद्धालुओं की खुशियों को मातम में बदल दिया। नारायणा अस्पताल में भर्ती मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने घटना की आपबीती सुनाई।
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मध्य प्रदेश से आई ममता ने बताया कि उनका परिवार कुल पांच लोगों के साथ कटड़ा पहुंचा था और सभी माता के दर्शन के लिए भवन मार्ग की ओर बढ़ रहे थे। तभी अचानक ऊपर से टीन गिरा और किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ।
इस हादसे में उनके परिवार के दो सदस्यों की मौके पर ही मृत्यु हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में उपचाराधीन हैं। ममता ने भावुक होकर कहा कि हम मां के दरबार में माथा टेकने आए थे अभी वहां तक ही पहुंचे थे लेकिन अचानक यह हादसा हो गया।
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सब कुछ चंद पलों में हो गया। हादसे के बाद प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं अस्पताल में डॉक्टर लगातार घायलों के इलाज में जुटे हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर में मौसम का कहर
जम्मू-कश्मीर में मौसम का कहर बुधवार को भी जारी रहा। जम्मू में चौबीस घंटे में 380 मिमी बारिश दर्ज हुई जोकि पिछले 115 वर्षों में सबसे ज्यादा बारिश है। जम्मू संभाग में नदियों का जलस्तर घटा तो कश्मीर संभाग में बढ़ गया।
श्री माता वैष्णो देवी के यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन से मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बुधवार को 34 पहुंच गई। इनमें 11 उत्तर प्रदेश के हैं। मंगलवार देर रात तक नौ श्रद्धालुओं की मौत और 21 के घायल होने की पुष्टि हुई थी। बाद में बचाव दल को मलबे के नीचे से कई और शव मिले।
बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। कम से कम 20 लोग घायल हैं। हादसा मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पहाड़ का हिस्सा ढहने से हुआ। इससे चट्टानें और मलबा नीचे गिरा और लोग दब गए।
सुरक्षा के मद्देनजर वैष्णो देवी यात्रा बुधवार को दूसरे दिन भी बंद रखी गई। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार सुबह 8:30 बजे से 24 घंटे के दौरान उधमपुर में अभूतपूर्व 629.4 मिमी और जम्मू में 380 मिमी बारिश हुई है। यह 1910 में राज्य में मौसम वेधशाला स्थापित होने के बाद से अब तक का एक दिन की बारिश का नया रिकॉर्ड है।
मृतकों के परिजन को 11-11 लाख की मदद
वैष्णो देवी मार्ग हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन को 11-11 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड 5-5 लाख देगा। एसडीआरएफ से चार-चार लाख तो मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री राहत कोष और एसडीआरएफ से गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख और मामूली घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।