उत्तर रेलवे के मुताबिक अब तक 65 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें दिल्ली, वाराणसी, कानपुर, अजमेर, पुणे, गुवाहाटी और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से जम्मू तवी और श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली गाड़ियां शामिल हैं। 46 ट्रेनों का गंतव्य बदल दिया गया है यानी उन्हें बीच के स्टेशनों पर ही रोक दिया गया। इसके अलावा 24 ट्रेनें अपने तय प्रारंभिक स्टेशन से नहीं चलेंगी, बल्कि बीच के बड़े स्टेशनों से शुरू की जाएंगी।
रेलवे ने बताया कि कई महत्वपूर्ण गाड़ियां जैसे नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, नई दिल्ली-जम्मू राजधानी, कोटा-जम्मू एक्सप्रेस, पुणे-जम्मू एक्सप्रेस, गुवाहाटी-जम्मू अमरनाथ एक्सप्रेस, अजमेर-जम्मू पूजा एक्सप्रेस और तिरुपति-जम्मू हमसफर एक्सप्रेस को रद्द करना पड़ा है। इनमें से कई ट्रेनों की बुकिंग पहले से पूरी हो चुकी थी, जिससे हजारों यात्रियों को अचानक यात्रा टालनी पड़ी। 3 ट्रेनों को आंशिक रूप से बहाल किया गया है, जबकि 5 गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह बहाल कर दिया गया है। वहीं, 3 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया है ताकि यात्रियों को आंशिक राहत मिल सके।
इंजीनियरिंग की टीमें कर रही मरम्मत का काम
फिलहाल इंजीनियरिंग टीमें मौके पर पहुंचकर ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा का काम कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार जब तक मिट्टी धंसने और बाढ़ का असर पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक रेल यातायात सामान्य होने की उम्मीद नहीं है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों को किसी भी तरह की जानकारी के लिए रेल मदद हेल्पलाइन 139, रेलवे की वेबसाइट और एनटीईएस ऐप के जरिए अपडेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें।