उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने बीडीसी अध्यक्षों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का किया उद्घाटन
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उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र की मजबूत कड़ी करार देते हुए जम्मू-कश्मीर को इसकी बुनियाद रखने का श्रेय दिया। जम्मू स्थित कनवेंशन सेंटर में बीडीसी अध्यक्षों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करने पहुंचे उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने पंचायती राज की शुरुआत की थी।
वर्ष 1935 में इस ऐतिहासिक पहल को अंजाम दिया गया। इसके बाद जेएंडके ने वर्ष 1958 में जेएंडके विलेज पंचायत एक्ट बनाया। इसके बाद ही देश में पंचायती राज लाया गया। इसी क्रम में जेएंडके पंचायती राज एक्ट 1989 लाया गया।
उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में पंचायतों को जमीनी स्तर के शासन की सक्रिय इकाई बनाया जाएगा। संविधान के 73वें संशोधन को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। एलजी ने कहा कि ब्लाक विकास परिषदों को विकास के मोर्चे पर सरकारी व्यवस्थाओं की बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
बीडीसी और बीडीओ की भूमिका का स्पष्ट किया जा रहा है। इस अवसर पर उपराज्यपाल के सलाहकार केवल कुमार शर्मा ने कहा कि बैक टू विलेज कार्यक्रम का अच्छा रिस्पांस मिला है।
सलाहकार फारूक खान ने कहा कि ग्रामीण विकास को गुजरात मॉडल पर सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, आयुक्त सचिव ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज शीतल नंदा समेत अन्य अफसर और बीडीसी अध्यक्ष उपस्थित थे।