ग्रामीणों में डर
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर पैदा हो गया है। जुथाना गांव के निवासी हरनाम सिंह ने बताया कि वह कठुआ में दुकान पर काम करता है और उसकी पत्नी व बेटी जुथाना में रहते हैं। सोमवार रात को कुछ हथियारबंद लोगों ने दरवाजा खटखटाया। पत्नी ने पूछा तो कहा कि घर में कोई बंदा है क्या। महिला ने कहा कि सभी घर पर हैं, खाना खा रहे हैं। इसके बाद हथियारबंद लोगों ने घर के किसी पुरुष को बाहर बुलाने के लिए कहा और खाना मांगा। मना करने पर बंदूक से डराने लगे। इसी दौरान उनके पड़ोसी हरबंस सिंह के साथ अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए, जिन्हें देखते ही संदिग्ध भाग निकले।
लोगों ने थानों में जमा हथियार वापस करने की मांग की
स्थानीय लोगों ने कहा कि 10-15 साल पहले भी जुथाना से जंगल और पहाड़ों के रास्ते डोडा-किश्तवाड़ जाने का मार्ग आतंकी अपनाते रहे हैं। यह काफी छोटा रास्ता है। अब दोबारा इस प्रकार हथियारबंद लोगों का दिखाई देना डर पैदा कर रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जुथाना में पुलिस चौकी बनाई जानी चाहिए, ताकि आतंकी इस रूट पर दोबारा सक्रिय न हो सकें। इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने थानों में जमा किए गए हथियार उन्हें वापस देने की मांग की है।