कश्मीर ऑफ रोड क्लब काबल
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साजिद ने कहा, यह पूरा अभियान खासा चुनौतीपूर्ण और अन्य अभियानों से बहुत ही अलग था। तुलेल घाटी से काबल गली की ओर जाने वाला पूरा रास्ता बजरी वाला था। सड़क बहुत ही संकरी, खड़ी और फिसलन भरी थी। यही कारण है कि यह वर्ष के अधिकांश समय भूस्खलन और खराब मौसम के कारण निरंतर बंद रहता है। एक प्रतिभागी सुलतान शाह ने कहा कि यह एक ऐसा अभियान था जिसके बारे में हम कभी सोच भी नहीं सकते।
यह केवल सेना की सहायता से कश्मीर ऑफ. रोड क्लब द्वारा संभव बनाया गया। अभी तक का सबसे लम्बा ऑफ. रोड अनुभव रहा, जिसमें हमने करीब 150 किलोमीटर का सफर तय किया। सुल्तान ने कहा कि इस दौरान कई कठिनाइयां भी आईं। एक बार तो उनकी गाड़ी का एक टायर हवा में झूलने लगा, लेकिन राहत की बात यह रही कि सही सलामत सभी प्रतिभागियों ने यह चुनौतीपूर्ण अभियान पूरा किया।
क्लब की पीआर डायरेक्टर फरहा जैदी ने कहा, वह बहुत रोमांचित हैं। हमारी पूरी टीम पर भरोसा दिखाने और इस सर्किट से गुजरने की अनुमति देने के लिए सेना का धन्यवाद करती हूं। उन्होंने पूरी यात्रा के दौरान हमारी सभी संभावित जरूरतों को पूरा किया। सर्किट बहुत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हमने पूरा किया।
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