चिराग ने अपने गायकी के सफर के बारे में बताते हुए कहा कि बचपन से किसी रियालटी शो का हिस्सा बनना सपना था। इसके लिए कई ऑडिशन भी दिए। कई बार असफल भी रहा, लेकिन माता-पिता ने हमेशा सहयोग दिया।
सफलता के लिए किसी भी चीज में निरंतरता बहुत जरूरी है। बस मेहनत पर भरोसा रखें और अपने पैशन को फॉलो करें। मैं अपने पैशन को फॉलो करके हीं यहां तक पहुंचा हूं। यह बातें इंडियन आइडल के 13वें सीजन के सेकेंड रनरअप और भद्रवाह के चिराग कोतवाल ने जम्मू पहुंचने पर कहीं हैं।
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इस दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया। चिराग ने बताया कि इंडियन आइडल का सफर बहुत ही रोमांचक रहा है। जम्मू-कश्मीर को लोगों और चाहने वालों के समर्थन से मैं यह ट्रॉफी हासिल कर पाया हूं। यह ट्रॉफी मेरे सभी प्रशंसकों और समर्थकों को समर्पित है।
चिराग ने अपने गायकी के सफर के बारे में बताते हुए कहा कि बचपन से किसी रियालटी शो का हिस्सा बनना सपना था। इसके लिए कई ऑडिशन भी दिए। कई बार असफल भी रहा, लेकिन माता-पिता ने हमेशा सहयोग दिया। मेरे माता पिता का भी सपना था कि में इंडियन आइडल में जाऊं।
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भद्रवाह से एक छोटा सा सपना लेकर गया था कि अपने संगीत को एक मुकाम देना है। इस लेवल तक पहुंच पाऊंगा यह सोचा नहीं था। पहली बार जजों के सामने मैं काफी नर्वस था, लेकिन उन्होंने मुझे बहुत स्पोर्ट किया। खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरे नाम से घाटी की पहचान होना बहुत बड़ी बात है।
जम्मू पहुंचने पर चिराग के स्वागत में भाजपा के वरिष्ठ नेता व पार्षद संजय कुमार बड़ु द्वारा केशव चोपड़ा, संदीप गुप्ता व स्थानीय लोगों के सहयोग से तालाब तिल्लो में भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व की बात है कि चिराग ने इतनी कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम फहराया है। चिराग युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।