ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के दौरान अब लोग अंगदान करने की इच्छा जाहिर कर सकते हैं। लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान फार्म भरने पर लोगों से पूछा जा रहा है कि क्या आप अंगदान करना चाहते हैं। फार्म में ऑर्गन डोनेट करने की बात अंकित की गई है, ताकि हादसे के बाद अंगदान करवाया जा सके।
इससे विकल्प के अंकित होने पर अब परिवार के अन्य लोगों से अंगदान की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि परिवहन विभाग अभी न तो लाइसेंस पर इसे प्रिंट करवा रहा है और न ही उसके पास ऐसा कोई डाटा उपलब्ध है कि कितने लोग अंगदान करने की इच्छा जता रहे हैं।
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अंगदान स्वैच्छिक रूप से ही होगा, अब प्रदेश में लाइसेंस रिन्यू करवाने के समय भी अंगदान करने का विकल्प अंकित किया जाएगा। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसों में कई लोगों की मौत हो जाती है। सड़क हादसों में घायल लोगों को मरने वाले का अंग लगाया जा सकता है। इसके लिए विभाग को अलग से किसी से अनुमित लेने की जरूरत नहीं होगी।
यह डाटा उपलब्ध नहीं है कि कितने लोगों ने अंगदान करने की इच्छा जताई है। यह डाटा सारथी वेबसाइट के डाटाबेस पर होता है।
- प्रदीप कुमार, आयुक्त परिवहन विभाग