मानव तस्करी के आरोपी पहले भी कश्मीर घाटी में दो लड़कियों को बेच चुके हैं। अब पांच लड़कियों को बेचने आए थे। म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को सहारनपुर में बेचने की डील हुई थी, लेकिन बाद में डील रद्द कर दी गई। इसके बाद श्रीनगर में डील हुई।
पांच लड़कियों को शुक्रवार को जम्मू लाया गया। यहां एक बाल कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं को शक हुआ। लड़कियों का पहनावा और भाषा अलग थी। शक गहराने पर कार्यकर्ताओं ने कुछ जानकारी जुटाकर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने जब इन लोगों को पकड़कर पूछताछ की तो मानव तस्करी की बात सामने आ गई।
गहन पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी म्यांमार के रहने वाले हैं। म्यांमार से दिल्ली पहुंचने पर फोन के जरिये तय हुआ था कि लड़कियों को श्रीनगर में बेचा जाएगा। वहीं, नाबालिग लड़कियों को बताया गया था कि उन्हें श्रीनगर पहुंचकर अच्छा रहने, अच्छा खाने को मिलेगा।
उनकी गरीबी दूर हो जाएगी। लड़कियों को भनक नहीं लगने दी गई थी कि उन्हें पैसे लेकर किसी को सौंपा जाएगा। मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने आईपीसी की धारा 370 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है।