कोर्ट ने सरकार के लिए तय सवाल
- राजोरी और पुंछ जिलों में ट्रैफिक रेगुलेट करने के लिए कितने मुलाजिम हैं?
- डोडा जिले के दुर्गम इलाकों में कितने ट्रैफिक पुलिस कर्मी है?
- मुगल रोड पर एक्सीडेंट के दिन तैनात अफसरों पर कार्रवाई क्या हुई, या सुपरविजन में लापरवाही हुई, इसका ट्रैफिक पुलिस के आईजी जवाब दें?
- दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने और रैश ड्राइविंग में संलिप्त एक ही चालक का लाइसेंस रद्द करने के सवाल तय किए गए हैं?
तीन हफ्तों में अपना जवाब दें ये अधिकारी
गृह विभाग के प्रधान सचिव, परिवहन आयुक्त, पीडब्लयूडी, शिक्षा विभाग, डीजीपी, राजोरी, पुंछ, शोपियां के डीसी, ट्रैफिक पुलिस के आईजी, चीफ इंजीनियर मुगल रोड, आरटीओ जम्मू, कश्मीर, एआरटीओ, पुंछ, राजोरी, शोपियां को तीन हफ्तों में जवाब देना होगा।
दौड़ रहे अनफिट वाहन
याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट शकील अहमद ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि डोडा, किश्तवाड़, मुगल रोड, पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण इन इलाकों में दौड़ने वाले अनफिट व्यवसायिक वाहन हैं। संबंधित विभाग चालकों के हाथों के दस्तानें बनकर रह गए हैं। इनके ऊपर कोई चेकिंग नहीं होती। मुगल रोड की हालत भी खस्ता है, जो सड़क हादसों का सबब बनती है।