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त्योहारों में सरकारी कर्मचारियों के लिए बुरी खबर, पढ़ें

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जम्मू-कश्मीर में कुदरत की मार से सरकार बेजार है। त्योहारी सीजन में बाजारों में रौनक तो है, लेकिन इस रौनक में कर्मचारी वर्ग कम ही शरीक हो पा रहा है। कारण यह है कि मुलाजिम वर्ग को महंगाई भत्ते की किश्त हो या फिर वर्षों से काम कर रहे अस्थायी मुलाजिमों को नियमित किए जाने का मामला हो या उनका वेतन जारी करना।
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यह सब मामले लटक जाने की वजह से त्योहारी सीजन में कर्मचारी वर्ग आर्थिक तंगहाली का सामना कर रहा है और त्योहार भी फीके रह रहे हैं। जनवरी 2014 में केंद्र सरकार ने देश भर में अपने कर्मचारियों के हक में 10 फीसदी डीए की किश्त जारी की, लेकिन रियासत में ऐसा नहीं हो सका।

जुलाई महीने में केंद्र सरकार ने सात फीसदी डीए की किश्त मुलाजिम वर्ग के लिए जारी की, वह भी राज्य सरकार के मुलाजिमों को नहीं मिली है।
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इन कर्मचारियों को लगा दोहरा झटका

अब हालत यह है कि बाढ़ के बाद से राज्य सरकार की आर्थिक हालत अपनी ही बिगड़ चुकी है। ऐसे में 17 फीसदी लंबित डीए किश्त त्योहारी खासतौर से दीवाली पर्व के आसपास जारी करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों डेलीवेजरों का भविष्य भी अधर में लटका हुआ है।

दस-पंद्रह वर्षों से सेवा कर रहे अस्थायी कर्मचारियों का नियमित होना तो दूर उन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। नेशनल मजदूर कांफ्रेंस के प्रधान सुभाष शास्त्री का कहना है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व सरकार को स्थायी कर्मचारियों को डीए और अस्थायी मुलाजिमों को नियमित करने से लेकर उनका लंबित वेतन जारी करने में देरी नहीं करनी चाहिए।

ऐसे ही पीएचई वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुभाष वर्मा का कहना है कि पीएचई विभाग जम्मू संभाग में ही 16 हजार के करीब अस्थायी मुलाजिमों को न तो नियमित किया जा रहा है और न ही उनका वेतन पिछले एक साल से जारी किया गया है।
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वेतन के लिए पीएचई कर्मचारियों ने हुंकार भरी

त्योहारी सीजन में विभिन्न मांगें पूरी न होने से गुस्साए पीएचई मुलाजिमों ने सोमवार को विभिन्न मांगों पर धरना-प्रदर्शन किया। वाटर वर्कर्स पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन जम्मू प्रोविंस के झंडे तले हुए प्रदर्शन में मुलाजिमों ने अस्थायी मुलाजिमों का लंबित वेतन जारी करने, डेलीवेजरों की सूची जारी करने और वेतन के नियम तय करने पर जोर दिया।

इंटक के राज्य प्रधान शिव कुमार शर्मा की अगुवाई में चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में हुए प्रदर्शन में 17 फीसदी डीए किश्त जारी करने, तबादला नीति तैयार करने आदि मांगें भी दर्शाई गई।
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