जम्मू कश्मीर सरकार ने बुधवार को पंचायत हल्कों के मामलों को चलाने के लिए खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को प्रशासक नियुक्त किया है। सरकार का यह फैसला केंद्र शासित प्रदेश में 4291 निर्वाचित पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद आया है।
इसे लेकर ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार, बीडीओ छह महीने की अवधि के लिए या अगले आदेश तक पंचायतों के लगभग 25000 प्रतिनिधियों से कार्यभार संभालेंगे।
4291 पंचायतों हल्कों के साथ-साथ 310 ब्लॉक विकास परिषदों (बीडीसी) का कार्यकाल नौ जनवरी को समाप्त हो गया। अब जिला विकास परिषदें (डीडीसी) जम्मू-कश्मीर में एकमात्र निर्वाचित संस्था रह गई हैं, जो लगभग छह वर्षों से निर्वाचित सरकार के बिना है। इससे पहले दो निगमों (जम्मू और श्रीनगर) सहित 77 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) का कार्यकाल पिछले साल के अंत में समाप्त हो गया था।
बीडीसी का पांच साल का कार्यकाल अक्टूबर 2024 में समाप्त होने वाला था, लेकिन नियमों और पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, बीडीसी का कार्यकाल पंचायतों के साथ समाप्त होता है और इस प्रकार नौ जनवरी को पंचायतों के साथ उनका भी अस्तित्व समाप्त हो गया।
बीडीसी के चुनाव अक्तूबर 2019 में हुए थे, जबकि पंचायतों के चुनाव नवंबर-दिसंबर 2018 में हुए थे और पंचायतों का औपचारिक रूप से गठन आठ जनवरी, 2019 को हुआ था।
अधिकारियों को बीडीसी से संबंधित वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां प्रदान करने पर जल्द ही निर्णय होने की उम्मीद है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बीडीसी के चुनाव होने तक ब्लॉकों का विकास प्रभावित न हो।
इसके साथ ही जनवरी 2021 में गठित 20 जिला विकास परिषदें एकमात्र निर्वाचित संस्था बनी रहेंगी। इनके 2026 की शुरुआत तक जारी रहने की उम्मीद है।