जेएंडके कोआपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जैकफेड)
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सरकार ने जेएंडके कोआपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जैकफेड) को बंद कर दिया है। इस संबंध में कोआपरेटिव सोसायटी जेएंडके रजिस्ट्रार ने आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश जेएंडके कोआपरेटिव सोसायटी एक्ट 1989 की धारा 47 की उपधारा (1) के तहत जारी हुए हैं। सरकार ने यह निर्णय फेडरेशन के लगातार घाटे में चलने की वजह ये लिया है।
जैकफेड तीन साल से काम कर रहा था। इसे वर्ष 1989 में स्थापित किया गया था। तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2017 में जैकफेड मामलों को देखने के लिए एक मैनेजिंग कमेटी का गठन किया था। अब जैकफेड के बंद होने से इसके 200 मुलाजिमों के सेवा लाभ सरकार की ओर से सुरक्षित किए जाएंगे। जैकफेड के कुल घाटा 67 करोड़ तक का है।
जैकफेड के उत्थान को नहीं मिला सरकार से अतिरिक्त बजट
जम्मू कश्मीर कोआपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन (जैकफेड) सरकारी मदद न मिलने के कारण बंद हो गया है। इसके उत्थान के लिए सत्ता में रही सरकारों ने भी कुछ नहीं किया। जैकफेड को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। नुकसान होने पर जैकफेड के रजिस्ट्रार की ओर से बजट की मांग भी की गई। वहीं, प्रदेश में चलने वाली अन्य कारपोरेशन को सरकार की ओर से हर साल फंडिंग होती रही। जैकफेड को कोई राशि नहीं मिली। 1985 से लेकर 2017 तक लगभग 30 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।